घग्गर का पानी पीने योग्य नहीं : सैलजा
सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा के शून्यकाल में सिरसा संसदीय क्षेत्र, विशेषकर घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में बढ़ते कैंसर और जलजनित बीमारियों की चिंताजनक स्थिति का मुद्दा सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि...
सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा के शून्यकाल में सिरसा संसदीय क्षेत्र, विशेषकर घग्गर नदी के किनारे बसे गांवों में बढ़ते कैंसर और जलजनित बीमारियों की चिंताजनक स्थिति का मुद्दा सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि यह विषय किसी प्रकार की अफवाह या अनुमान पर आधारित नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में दिए आधिकारिक उत्तरों से प्रमाणित तथ्य है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार घग्गर नदी का पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। हरियाणा में वर्ष 2019 से 2023 के बीच कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी स्पष्ट किया कि घग्गर का पानी पीने योग्य नहीं है, क्योंकि जल में लेड, आयरन और एल्युमिनियम जैसे तत्व निर्धारित सीमा से अधिक हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा संसदीय क्षेत्र के कई गांव आज भी भाखड़ा नहर आधारित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं।
सैलजा ने सरकार से प्रश्न किया कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि घग्गर का पानी पीने योग्य नहीं है, तो प्रभावित गांवों में सुरक्षित और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था अब तक क्यों सुनिश्चित नहीं की गई। जिन गांवों में आज भी दूषित भूजल की आपूर्ति हो रही है, वहां के लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि घग्गर बेल्ट में राष्ट्रीय या क्षेत्रीय स्तर का कैंसर सुपर स्पेशलिटी केंद्र स्थापित किया जाए, सभी प्रभावित गांवों को समयबद्ध तरीके से भाखड़ा नहर आधारित स्वच्छ पेयजल योजना से जोड़ा जाए। अधूरी नहरी जल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, विशेष स्वास्थ्य सर्वे और कैंसर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाए तथा घग्गर नदी में औद्योगिक अपशिष्ट एवं रासायनिक प्रदूषण पर कड़ा नियंत्रण और निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए।

