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गुरु रविदास जी के सिद्धांतों पर चलकर सरकार कर रही अंत्योदय सुनिश्चित : नायब सैनी

124 करोड़ की लागत से उमरी में बनेगा गुरु रविदास धाम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिलेगा मालिकाना हक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुरुक्षेत्र के उमरी में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती पर राज्य स्तरीय...

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कुरुक्षेत्र जिला के गांव उमरी में आयोजित राज्य स्तरीय संत शिरोमणी गुरू रविदास जयंती पर पुष्प अर्पित करते मुख्यमंत्री नायब सैनी। -हप्र
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124 करोड़ की लागत से उमरी में बनेगा गुरु रविदास धाम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति को मिलेगा मालिकाना हक

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुरुक्षेत्र के उमरी में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह में कहा कि सरकार गुरु रविदास के समानता, समरसता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 5 एकड़ भूमि पर 124 करोड़ रुपये की लागत से गुरु रविदास धाम का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 90 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के ऐसे लोग जो पिछले 20 वर्षों से एक स्थान पर निवास कर रहे हैं, उन्हें मालिकाना हक देने के लिए विशेष पॉलिसी बनाई जाएगी।

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इसके अलावा, एससी कम्पोनेंट प्लान के फंड का उपयोग केवल एससी समाज के विकास के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक और व्यावसायिक प्रयोगों के लिए एचएसआईआईडीसी में पॉलिसी बनाकर छूट का प्रावधान भी किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति की नौकरियों में क्लास ए और बी में पदोन्नति तथा क्रीमीलेयर के मापदंड 31 मार्च 2026 तक निर्धारित किए जाएंगे। सुझाव इस दिशा में तैयार किए जा रहे हैं, और उनके आधार पर मांगों को पूरा किया जाएगा।

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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि गुरु रविदास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और संत समाज से आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास का सपना था कि समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो और सभी को भर पेट अन्न, समान अवसर और खुशहाल जीवन मिले। उनकी समानता और सामाजिक न्याय की परिकल्पना आज भी प्रासंगिक है।

कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी गुरु रविदास जी को समाज सुधारक और विचारक के रूप में याद किया। उन्होंने बताया कि गुरु रविदास जी का 15वीं शताब्दी में वाराणसी में जन्म हुआ और आज भी उनकी शिक्षाएं प्रेरणादायक हैं। समारोह में प्रदेशभर से आए संतों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इनमें संत धूनीदास महाराज, संत कृष्ण कबीर महाराज, संत सुरेंद्र दास महाराज, संत सतनाम दास महाराज, संत नरेश दास महाराज, संत धर्मदास महाराज, संत सुनीलदास महाराज, संत निर्मलदास महाराज, संत हरिओम महाराज, संत कृष्ण दास महाराज सहित अन्य प्रमुख संत शामिल थे।

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