आर्य समाज बनौंदी द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुख्य अतिथि के रूप में किसानों को संबोधित करते हुए देसी गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है, जबकि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की सेहत सुधरती है और किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बजाय गोबर और गोमूत्र से तैयार जैविक घोल इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर में करोड़ों लाभदायक जीवाणु होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि इस पद्धति से किसान को कम खर्च में अधिक उत्पादन मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन भी मिलेगा।
आचार्य देवव्रत ने आर्य समाज बनौंदी को दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने किसानों को गुरुकुल कुरुक्षेत्र में नि:शुल्क प्रशिक्षण लेने का अवसर बताया, जहाँ पिछले 9 वर्षों से 200 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा रही है।
पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी ने कहा कि नारायणगढ़ के किसान प्रशिक्षण लेने गुरुकुल जा सकते हैं और इसकी व्यवस्था कृषि विभाग के सहयोग से करवाई जाएगी।
कार्यक्रम के आयोजक एवं आर्य समाज बनौंदी के मंत्री रघुबीर आर्य ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत को पगड़ी पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर एसडीएम शिवजीत भारती, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान धर्मवीर सिंह आर्य, डीएसपी सूरज चावला, विजय पाल आर्य, मोहित आर्य, रघुबीर आर्य, जयपाल आर्य भी उपस्थित रहे।

