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किसानों को मंडियों में पीआर धान बेचने में आ रही परेशानी : माजरा

इनेलो नेता ने की धान बेचने में जिले की सीमा हटाने की मांग

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इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा
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इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रदेश की अनाज मंडियों में पीआर (मोटा धान) की सरकारी खरीद के दौरान भारी गड़बड़ी और लूटपाट की जा रही है। धान में नमी के नाम पर मनमाने कट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम नहीं मिल रहा है। नमी के नाम पर मंडियों में बड़ा घोटाला हो रहा है जिसका सीधा नुकसान अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है।

माजरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार द्वारा पीआर धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन मंडियों में नमी का बहाना बनाकर किसानों का धान 2,100 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है। कई जगहों पर बिना इलेक्ट्रॉनिक मीटर की जांच के ही धान में नमी बता दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद एजेंसियों और राइस मिलर्स की आपसी मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है, जो बाद में इसी धान को एमएसपी पर खपाते हैं।

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इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इस बार धान बेचने पर जिले की पाबंदी लगा दी गई है जिसके तहत किसान अपने ही जिले में फसल बेच सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बरसों से जींद जिले के दर्जनों गांवों के किसान अपनी धान बेचने कैथल अनाज मंडी में आते रहे हैं। इस बार शामदो, मांडी कलां, थुआं और छात्तर जैसे गांवों के किसान जब धान लेकर कैथल पहुंच रहे हैं, तो उनके गेट पास नहीं काटे जा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि हरसेक के सैटेलाइट सर्वे में पोर्टल पर दर्ज फसल और खेत में खड़ी फसल का मिलान (मिसमैच) न होने के कारण प्रदेश के हजारों किसानों का गेट पास नहीं कट रहा है। सरकार को इस त्रुटि का त्वरित समाधान करना चाहिए।

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कंबाइन के समय व झाड़ की कैपिंग हटाए सरकार

रामपाल माजरा ने मांग उठाई कि सरकार द्वारा धान कटाई के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही कंबाइन चलाने का जो तुगलकी फरमान जारी किया गया है, उसे तुरंत वापस लिया जाए। अब मौसम पूरी तरह साफ है और धान में अतिरिक्त नमी भी नहीं है, इसलिए कंबाइन को दिन-रात चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने जिलावार प्रति एकड़ झाड़ (पैदावार) पर लगाए गए कैप का विरोध करते हुए कहा कि जिस किसान के खेत में ज्यादा पैदावार निकल रही है, वह अपनी शेष फसल को कहां बेचेगा? यह कैप तुरंत हटाया जाना चाहिए।

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