फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 11 गिरफ्तार
साइबर थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर फर्जी एप्पल कस्टमर सर्विस सेंटर बनाकर यूएसए के लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। साइबर अपराध पश्चिम की टीम को...
साइबर थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर फर्जी एप्पल कस्टमर सर्विस सेंटर बनाकर यूएसए के लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। साइबर अपराध पश्चिम की टीम को सूचना मिली कि पालम विहार के जे ब्लॉक में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। इस कॉल सेंटर में यूएसए के नागरिकों को एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर गुमराह करके साइबर ठगी की जा रही है। पुलिस टीम ने इस स्थान पर रेड की। रेड के दौरान आरोपी लैपटॉप, हेडफोन/माइक व मोबाइल से एक्स-लाइट डायलर और एप्पल फेसटाइमपर अंग्रेजी भाषा में विदेशी नागरिकों से बातचीत करते हुए मिले। पुलिस टीम ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान प्रितपाल सिंह निवासी सुभाष नगर, दिल्ली, मोहम्मद रिजान अंसारी निवासी सदर बाजार, नई दिल्ली, चैतन्य गोयल निवासी सेंट्रल दिल्ली, मनीष निवासी गांव वासुदेवपुर, जिला भद्रक, ओडिशा हाल निवासी बहादुरगढ़ निवासी, शाहरुख अंसारी निवासी सदर बाजार, नई दिल्ली, संजीव पाण्डे निवासी आजादपुर, दिल्ली, शिवम निवासी वजीराबाद, दिल्ली, आदित्य निवासी सेवा पार्क, उत्तम नगर, दिल्ली, दीपक त्रिवेदी निवासी मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली और वरुण गौतम निवासी रामा पार्क, उत्तम नगर, दिल्ली, नीरज निवासी रोहतक के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी प्रीतपाल सिंह कॉल सेंटर का टीम लीडर था। आरोपी 3 महीनों से मकान को किराये पर लेकर कॉल सेंटर चला रहे थे। प्रत्येक कॉलर को कमीशन के आधार पर रखा गया था। कॉल सेंटर का संचालन एक अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। आरोपियों ने यूएसए के नागरिकों को एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर मोबाइल फोन में वायरस/तकनीकी समस्या होने का झांसा देकर उन्हें वर्चुअल टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के लिए प्रेरित किया जाता था। आरोपी एप्पल अथवा संबंधित कम्पनी के कर्मचारी या प्रतिनिधि बनकर एक्स-लाइट डायलर सॉफ़्टवेयर व एप्पल फेसटाइम ऐप के माध्यम से विदेशी नागरिकों से बातचीत करते थे तथा उनकी समस्या दूर करने के नाम पर उन्हें गुमराह करते थे। विदेशी नागरिकों को फेडरल ट्रेड कमीशन का फर्जी पत्र दिखाकर भय पैदा करके, उनकी समस्या का समाधान करने के नाम पर ठगी करते थे। कॉल सेंटर के मालिक विदेशी बैंक खाते में ठगी गई राशि ट्रांसफर करवाकर तथा गिफ्ट वाउचर, कार्ड के नंबर भी प्राप्त कर धोखाधड़ी करते थे।

