डॉक्टरों की हड़ताल से नीलोखेड़ी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं ठप
घरौंडा विवाद का असर, मरीजों ने झेली परेशानी
घरौंडा में डाॅक्टरों और पुलिस के बीच विवाद का असर शुक्रवार को जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ दिखाई दिया। विरोध स्वरूप डाॅक्टरों द्वारा की गई हड़ताल के चलते नीलोखेड़ी उपमंडल नागरिक अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह डगमगा गई। दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल का सबसे बुरा असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ा। अस्पताल में नियमित जांच और प्रसव के लिए पहुंचीं कई महिलाओं को डाॅक्टर न मिलने के कारण मायूस होकर लौटना पड़ा।
पीड़ितों ने बताया कि जिन महिलाओं का आज ऑपरेशन प्रस्तावित था, डाॅक्टरों की अनुपस्थिति के चलते उन्हें भी बिना उपचार वापस जाना पड़ा। पानीपत से आए रमेश ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि अस्पताल की सुविधाओं के बारे में सुनकर वे यहां पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण अब उन्हें मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में 5 कंसल्टेंट डाक्टर तैनात हैं, लेकिन हड़ताल के दौरान केवल डाॅ. प्रेम लता ही मरीजों को देखने में व्यस्त दिखीं। बाकी 4 कंसल्टेंट डाॅक्टर अस्पताल में कहां थे, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। वहीं, अस्पताल में तैनात रेडियोग्राफर दिनेश मलिक ने दिनभर में 9 एक्सरे किए।

