धनखड़ ने चाय पर बुला समझाया किसानों को नहीं होगा कोई नुकसान

पूर्व विधायकों की कृषि विधेयकों पर नाराजगी का मामला

धनखड़ ने चाय पर बुला समझाया किसानों को नहीं होगा कोई नुकसान

दिनेश भारद्वाज/ट्रिन्यू
चंडीगढ़, 24 सितंबर

हरियाणा में सत्ताधारी भाजपा-जजपा गठबंधन में अब ‘अपनों’ ने ही आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं। अभी तक गठबंधन सहयोगी जजपा के कुछ विधायक अपने ही नेतृत्व के खिलाफ गुस्सा थे, लेकिन अब भाजपा के दिग्गजों ने भी सरकार में सुनवाई नहीं होने की शिकायत करनी शुरू कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि विधेयक इन नेताओं के पास अपनी बात रखने का बहाना बन गए हैं।

फिलहाल वे पूर्व विधायक खुलकर सामने आए हैं, जो विधानसभा चुनाव से पहले दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इनमें से कई ऐसे हैं, जिन्हें टिकट भी नहीं मिल सकी और बाकी वे हैं, जो टिकट के बाद भी चुनाव नहीं जीत सके। बुधवार को पंचकूला के जिमखाना क्लब में 6 पूर्व विधायकों की बैठक भी हुई। अब स्थिति को संभालते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने मोर्चा संभाला है। धनखड़ ने बृहस्पतिवार सुबह दो पूर्व विधायकों – परमिंद्र सिंह ढुल और बलवान सिंह दौलतपुरिया को चर्चा के लिए पंचकूला स्थित आवास पर बुलाया। सूत्रों का कहना है कि धनखड़ ने इन दोनों पूर्व विधायकों से काफी देर मंत्रणा की। उन्हें आश्वस्त किया कि नये कानूनों से किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। बताते हैं कि सरकार में सुनवाई को लेकर भी पूर्व विधायकों को विश्वास दिलाया गया है। ये दोनों ही पूर्व विधायक इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। बुधवार को जिमखाना क्लब में हुई बैठक में इन दोनों के अलावा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा, पूर्व विधायक बूटा सिंह, भाग सिंह छातर व श्याम सिंह राणा मौजूद रहे।

2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे अधिक इनेलो के विधायकों में भगदड़ मची थी। भाजपा में डेढ़ दर्जन के करीब दिग्गज नेता तो शामिल हुए लेकिन टिकट आधों को भी नहीं मिली। उस समय उन्हें आश्वस्त किया गया कि सत्ता में आने के बाद कहीं ने कहीं एडजस्टमेंट होगी। हालात ऐसे बने कि भाजपा को सरकार भी जजपा के साथ गठबंधन करके बनानी पड़ी। ऐसे में अब दूसरे दलों से आए पूर्व विधायकों में बेचैनी है। वहीं 2014 में रादौर से भाजपा टिकट पर विधायक बने श्याम सिंह राणा का टिकट इस बार भाजपा ने काट दिया। वे इससे काफी नाराज भी हुए। वर्तमान में भाजपा में ही हैं लेकिन कृषि से जुड़े नये कानूनों को लेकर वे सहमत नहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि दूसरे दलों से आए पूर्व विधायकों के अलावा ऐसे भी कई नेता हैं जो चुनाव लड़े लेकिन जीत नहीं सके। ये सभी पूर्व विधायक आपस में संपर्क बनाए हुए हैं।

‘कांग्रेस का झूठ नहीं बिकेगा, दाना-दाना खरीदेंगे’

चंडीगढ़ (ट्रिन्यू): भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि से जुड़े नये विधेयक पूरी तरह से किसानों के हित में हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने यह क्रांतिकारी कदम उठाकर साबित कर दिया है कि 2022 से पहले भी किसानों की आय दोगुणा हो सकती है। बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में धनखड़ ने कहा कि नये कानूनों से किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। कांग्रेस की राजनीति झूठ के सहारे चल रही है। कांग्रेस किसानों में भ्रम फैलाकर अपनी राजनीति को जिंदा रखे हुए है, पर सच है कि कांग्रेस का झूठ नहीं बिकेगा।

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