सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर नारेबाजी, फूंके पुतले । वोट चोरी का लगाया आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने जिला मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किए। यमुनानगर में सांसद दीपेंद्र हुड्डा और वरुण चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया और चुनाव आयोग का पुतला फूंका और उनके इस्तीफा की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने वोट चोरी का आरोप लगाया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। राहुल गांधी ने भी प्रेस काॅन्फ्रेंस करके आरोप लगाए थे। हरियाणा में मात्र 14 हजार मतों के अंतर से कांग्रेस की सरकार बनने से रोका गया। जब हरियाणा में चुनाव परिणाम की गिनती शुरू हुई और जब पोस्टल बैलेट खुले तो 75 सीटों पर कांग्रेस आगे थी। इतिहास गवाह है कि जब-जब भी पोस्टल बैलेट में जिसकी सरकार बनती दिखती है, उसी की सरकार बनती है, लेकिन हमारे साथ धोखा किया गया। चुनाव आयोग का आईटी सेल भाजपा का आईटी सेल है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और हरियाणा में दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए। जहां-जहां वोट चोरी हुए हैं, वहां लोकसभा, विधानसभा दोबारा चुनाव करवाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का चुनाव आयोग बनकर रह गया है। अम्बाला के सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की एक ही मांग है और वह है लोकतंत्र को जिंदा रखना। कांग्रेस चुनाव आयोग आयुक्त के इस्तीफा की मांग कर रही है और उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना होगा। इस अवसर पर जगाधरी के विधायक अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, जिला शहरी प्रधान देवेंद्र सिंह, जिला ग्रामीण प्रधान नरपाल सिंह गुर्जर, सतपाल कौशिक, सुरेश ढांडा, यमुनानगर से पूर्व प्रत्याशी रमन त्यागी, कांग्रेस के पूर्व जिला संयोजक श्याम सुंदर बत्रा और राज कुमार त्यागी मौजूद रहे।
कांग्रेस का विरोध मार्च
अम्बाला शहर (हप्र) : जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को मानव चौक पर विरोध मार्च निकाला। अम्बाला लोकसभा क्षेत्र से सांसद चौधरी वरुण मुलाना के नेतृत्व एवं अम्बाला शहर विधायक निर्मल सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। मार्च के बाद मानव चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह के पुतले का दहन
किया गया।

