Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

बुढ़ापा पेंशन पर लगाई जा रही शर्तें अमानवीय : सैलजा

सिरसा की सांसद एवं कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (बुढ़ापा पेंशन) को फैमिली आईडी, आय सत्यापन और बिजली के बिल जैसी शर्तों से जोड़कर रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे बुजुर्गों के साथ अन्याय और...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सांसद सैलजा
Advertisement

सिरसा की सांसद एवं कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (बुढ़ापा पेंशन) को फैमिली आईडी, आय सत्यापन और बिजली के बिल जैसी शर्तों से जोड़कर रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे बुजुर्गों के साथ अन्याय और अमानवीय व्यवहार करार दिया। मीडिया को जारी एक बयान में सैलजा ने कहा कि प्रदेश के कई बुजुर्ग, जो वर्षों से पेंशन ले रहे थे, आज केवल तकनीकी और कागजी कारणों से अपनी पेंशन से वंचित हो रहे हैं। कभी फैमिली आईडी में त्रुटि, कभी आय का सत्यापन, तो कभी बिजली बिल का बहाना बनाकर पेंशन रोक दी जाती है, जिससे बुजुर्गों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह स्थिति प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाती है और बुजुर्गों के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट नीति है कि बुढ़ापा पेंशन सभी पात्र बुजुर्गों को सरल और सम्मानजनक ढंग से मिले। सामाजिक सुरक्षा की इस योजना को अनावश्यक शर्तों और जटिल प्रक्रियाओं में नहीं उलझाया जाना चाहिए।

सांसद ने कहा कि पीपीपी डाटा अपडेट के बाद अम्बाला जिले के लगभग 54,000 परिवारों को सरकारी रिकॉर्ड में संपन्न दिखा दिया गया। इसके परिणामस्वरूप हजारों परिवारों का राशन बंद हो गया और कई बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन काट दी गई। जिन परिवारों की वास्तविक आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, वे अब अपनी पात्रता साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सैलजा ने सरकार से मांग की कि फैमिली आईडी, आय सत्यापन, बिजली बिल जैसी शर्तों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और जिन बुजुर्गों की पेंशन इन कारणों से रोकी गई है, उन्हें तुरंत बहाल कर बकाया राशि जारी की जाए।

Advertisement

Advertisement
Advertisement
×