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लोक नृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से ब्रह्मसरोवर पर दिखा उत्सव का रंग

गीता जयंती महोत्सव में कला और संस्कृति का संगम, 5डी पेंटिंग बनीं आकर्षण

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कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव में लोक नृत्यों की प्रस्तुति देते कलाकार।  -हप्र
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अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से आए कलाकारों और शिल्पकारों ने शुक्रवार को ब्रह्मसरोवर के तटों को इंद्रधनुष की तरह सजाने का काम किया है। पत्थर के चूरे को शिल्पकला से भगवान श्रीकृष्ण व गौतम बुद्ध का स्वरूप दिया गया है। शिल्पकला से प्रभावित होकर राजस्थान सरकार ने शिल्पकार सुधीर और वर्षा को स्टेट अवाॅर्ड से सम्मानित किया। जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डाॅ. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि ब्रह्मसरोवर के तट पर गीता महोत्सव में जहां अलग-अलग प्रदेशों से आए शिल्पकार अपनी हस्त शिल्प कला से महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं तो वहीं जन संपर्क विभाग की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी ने इस महोत्सव के पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई हुई है।

ब्रह्मसरोवर के घाटों पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में राजस्थान से आए कलाकारों ने कूची-गुड़ी नृत्य से पर्यटकों का झूमने पर मजबूर कर दिया। पर्यटक न केवल इन कलाकारों के साथ नृत्य करके आनंद ले रहे हैं, बल्कि इस प्राचीन नृत्य शैली के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से जानने का मौका पा रहे हैं। महोत्सव में कला एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा के सौजन्य से विश्व विख्यात जादूगर सम्राट शंकर का शो भरतमुनि रंगशाला कला कीर्ति भवन में आयोजित किया जा रहा है। केडीबी कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान जादूगर सम्राट शंकर ने कहा कि संसार में चमत्कार नाम की कोई चीज नहीं है, बल्कि जादू तो एक कला है। यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी एवं देवी अहिल्याबाई होल्कर अनुसंधान विकास केंद्र द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी ब्रह्मसरोवर के तट पर बूथ नंबर 747 पर 21 दिवसीय ब्लड एवं स्वास्थ्य कैंप की सेवाएं जारी है।

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जीवन में हर कदम पर काम आएगा गीता ज्ञान : कंवलजीत

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जिला परिषद अध्यक्ष कंवलजीत कौर ने कहा कि गीता का ज्ञान प्राणी मात्र के सुखी जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है और विशेषकर विद्यार्थियों के लिए गीता ज्ञान बहुत उपयोगी है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से गीता पढ़नी चाहिए और इसकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। वह शुक्रवार को पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के केशव सदन में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा गीता पर आधारित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहीं थी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने अतिथियों का स्वागत किया तो समग्र शिक्षा की जिला परियोजना समन्वयक इंदु कौशिक ने आभार जताया। मंच संचालन सतबीर कौशिक ने किया। आगामी 30 नवंबर तक चलने वाली स्पर्धाओं के अंतर्गत 6 विधाओं में 22 जिलों के कुल 1200 विद्यार्थी भाग ले रहे है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी काल में ही गीता का भाव समझ गए तो यह जीवन में हर कदम पर काम आएगा। जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थी गीता पर आधारित स्पर्धाओं में उत्साह पूर्वक ढंग से भाग ले रहे हैं वह अपने आप में बहुत सुखद है।

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