नियमों को ठेंगा दिखाकर ग्रीन बेल्ट पर हो रहा भवन निर्माण
बिना परमिशन सीवरेज लाइन जोड़ी, निगम ने रुकवाया काम
शहरों के मास्टर प्लान में सरकार ग्रीन बेल्ट का एरिया निर्धारित करती है। ग्रीन बेल्ट का मतलब वह एरिया में जहां पेड़ पौधे लगे हों, जो धूल कणों को सोखकर लोगों को शुद्ध हवा दे सकें लेकिन शहर में सरकार के प्रयासों पर पलीता लग रहा है। शहर में सेक्टर-32, नूरमहल के पीछे नियमों की अनदेखी कर ग्रीन बेल्ट के लिए निर्धारित क्षेत्र में बहुमंजिला भवन निर्माण किया जा रहा है। जिस पर अंकुश लगाने बजाए लेकर जिम्मेदार अधिकारी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे है। अवैध कॉलोनी को लेकर नगर निगम ओर जिला योजनाकार विभाग के अधिकारियों में गतिरोध बना हुआ है। यही नहीं भवन निर्माण कार्य से जुड़े लोगों ने बिना किसी अनुमति के सेक्टर 32 की सीवरेज लाइन में अवैध रूप से सीवरेज को जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसकी तरफ नगर निगम अधिकारी खामोश बने हुए है। जिसके चलते शहर के मास्टर प्लान की धज्जियां सरेआम उड़ाई जा रही है। इसको लेकर पर्यावरणविद चिंतित नजर आ रहे है, उनका कहना है कि ग्रीन बेल्ट को ग्रीन बेल्ट ही रहने दिया जाए, क्योंकि शहरवासियों की लाइफ लाइन होती है। नियमों को ताक पर रखकर करवाएं जा रहे कार्यों को तुरंत प्रभाव से रोका जाना चाहिए। जल्द ही मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा ताकि मामले की जांच हो सकें। वहीं भवन निर्माण कराने वाले वैध दस्तावेजों का दावा कर रहे है। नगर निगम विभाग के सहायक नगर नियोजक प्रवेश ने बताया कि उन्होंने अवैध रूप से बिछाई जा रही सीवरेज लाइन कार्य को बंद करवा दिया है, पाइप लाइन को लेकर नगर निगम से कोई परमिशन नहीं ली गई। मामले की जांच करवाई जा रही है।

