गीता जयंती से पहले कुरुक्षेत्र में बनेगा प्रदेश का पहला स्ट्रीट फूड हब
विश्व पर्यटन हब के रूप में धर्मनगरी को विकसित करने की तैयारी
शहरी स्थानीय निकाय, राजस्व एवं नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को धार्मिक, पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्व स्तरीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
लघु सचिवालय में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) और नगर निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों को बेहतर एजेंसी से शहर के विकास का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। डीसी विश्राम मीणा ने मंत्री का स्वागत किया। मंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र, लाडवा और पिहोवा में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत एक प्रमुख मार्ग को विकसित किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के पहले स्ट्रीट फूड हब को मंजूरी मिल गई है। इसे आगामी अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती से पहले तैयार कर लिया जाएगा। केडीबी मेला ग्राउंड में करीब 2 एकड़ जगह पर 4 करोड़ रुपये से यह हब बनेगा, जिसे साउथ इंडियन और नॉर्थ इंडियन जैसे 4 जोन में बांटा जाएगा। इसमें केवल पंजीकृत वेंडर्स को ही जगह दी जाएगी। उन्होंने थानेसर, लाडवा, पिहोवा, शाहाबाद और इस्माईलाबाद के टैक्स रिकवरी व सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉकी एस्ट्रोटर्फ बनेगा
मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि द्रोणाचार्य खेल स्टेडियम के साथ खाली पड़ी जमीन पर मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस नया हॉकी एस्ट्रोटर्फ बनाया जाएगा। इस स्टेडियम का निर्माण खेल विभाग की ओर से किया जाएगा, जबकि अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य नगर परिषद द्वारा पूरे किए जाएंगे। मंत्री गोयल ने बताया कि प्रदेश में ‘तिरंगा महोत्सव’ शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी 10 अगस्त को कुरुक्षेत्र से इस तिरंगा यात्रा की शुरुआत करेंगे।
महाभारत थीम पर विकिसत होंगे शहर के 8 चौक
नगर परिषद थानेसर द्वारा शहर के 8 प्रमुख चौकों को ‘महाभारत थीम’ पर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा गीता द्वार को नए सिरे से भव्य रूप दिया जा रहा है। बैठक के दौरान केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने ब्रह्मसरोवर से ज्योतिसर तक 6.5 किमी ‘हरि-हर पैदल पथ’, मंदिरों को जोड़ने वाले ‘8 कोस परिक्रमा पथ’ तथा भद्रकाली शक्तिपीठ से स्थानेश्वर महादेव मंदिर तक ‘शिव-शक्ति कॉरिडोर’ बनाने का प्रस्ताव रखा।

