घरौंडा में आढ़तियों की हड़ताल, मार्केट कमेटी कार्यालय पर जड़ा ताला
स्पीकर कल्याण ने लिया संज्ञान, समाप्त कराया धरना
मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद की सुस्त रफ्तार और उठान न होने से गुस्साए आढ़तियों ने बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना दिया और कार्यालय पर ताला लगाकर विरोध दर्ज कराया। मंडी प्रधान जयभगवान गोयल, आढ़ती संजीव कुमार और सतीश कुमार ने हड़ताल के पीछे प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। आढ़तियों का आरोप है कि 7 अप्रैल को विभाग के अधिकारियों ने केवल चुनिंदा दुकानों पर खरीद की और बाकी को छोड़ दिया।
मामले की जानकारी मिलते ही स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने तुरंत संज्ञान लिया और एसडीएम घरौंडा, डीएफएससी, हैफेड डीएम व डीएसपी को आढ़तियों के बीच भेजा। कल्याण ने चंडीगढ़ के आलाधिकारियों से मंडी के मसले को लेकर बातचीत की और समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए। एसडीएम राजेश सोनी मंडी पहुंचे अौर आढ़तियों का धरना समाप्त कराया।
राव नरेंद्र सिंह ने धरने में पहुंच सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने धरने में शामिल होकर आढ़तियों और किसानों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नमी मापने वाली मशीनों में हेरफेर है। निजी मशीनों में नमी कम आती है, जबकि सरकारी मशीनें ज्यादा नमी दिखाकर खरीद रोक रही हैं। उन्होंने मांग की कि खराब मौसम को देखते हुए नमी के नियमों में ढील दी जाए। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि बारदाने की कमी और गेट पास की जटिल शर्तों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जब तक उठान नहीं होगा, जे-फार्म नहीं कटेगा और किसानों के खातों में पैसा नहीं पहुंचेगा।
पानीपत मंडी में खुले में पड़े 58 हजार कट्टे
पानीपत (हप्र) : पानीपत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियों हैफेड और हरियाणा वेयरहाउस द्वारा खरीदे गए गेहूं के उठान में हो रही देरी पर गहरा रोष व्यक्त किया है। मंडी में अब तक खरीदे गए करीब 58 हजार कट्टों का उठान न होने से आढ़तियों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। आढ़तियों का दावा है कि मंडी से अभी तक एक भी गाड़ी का उठान नहीं हो पाया है। मंडी से गेहूं एफसीआई के पसीना गोदामों में भेजा जाना है। गाड़ियों की लोडिंग तो हो चुकी है, लेकिन ‘ई-खरीद’ पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण ‘आउटवर्ड गेट पास’ नहीं कट पा रहे हैं। मंडी प्रधान दिनेश भौक्कर और सचिव संजय देशवाल ने बताया कि खराब मौसम के चलते गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। बारिश से बचाने के लिए कट्टों के चट्टे लगवाए जा रहे हैं, जिसके लिए मजदूरों को 5-6 रुपये प्रति कट्टा अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। आढ़तियों ने जल्द उठान की मांग की।

