विभाजन की विभीषिका झेलने वालों की याद में ऋषिकेश में बनेगा भव्य राष्ट्रीय स्मारक
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल व स्वामी धर्मदेव के मार्गदर्शन में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास’ का गठन
वर्ष 1947 के भारत-विभाजन के दौरान मानवता ने जो अमानवीय त्रासदी और विस्थापन का दर्द झेला, उन बलिदानों को अमर करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और स्वामी धर्मदेव के मार्गदर्शन में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास’ के गठन की घोषणा की गई है।
न्यास के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी धर्मदेव और महामंत्री बोधराज सीकरी ने नई कार्यकारिणी का विवरण साझा किया। मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड के चेयरमैन रमेश चंद जुनेजा को आजीवन राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। टीम में सुमन कांत मुंजाल, सुनील सचदेवा, सुनील सतीजा, राजीव गुलाटी और अजय खन्ना सहित कई दिग्गज उद्योगपतियों और सामाजिक हस्तियों को शामिल किया गया है। स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनिजी, आनंदमूर्ति गुरु मां और महंत राम सुखदास महाराज जैसे आध्यात्मिक संतों को मुख्य संरक्षक बनाया गया है। इसके अलावा असम के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी और कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों को भी न्यास में जगह दी गई है।
महामंत्री बोधराज सीकरी ने बताया कि न्यास द्वारा ऋषिकेश-हरिद्वार में एक विशाल राष्ट्रीय स्मारक और अत्याधुनिक संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। जिसमें अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से बंटवारे के उन दृश्यों और विस्थापन के संघर्ष को जीवंत किया जाएगा। स्मारक में भगवान राम, माता हिंगलाज, गुरु गोविंद सिंह, शहीद भगत सिंह और मदन लाल ढींगरा सहित उन महान विभूतियों के चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे जिन्होंने समाज का मार्गदर्शन किया। न्यास को बौद्धिक मजबूती देने के लिए पूर्व कुलपति डॉ. अशोक दिवाकर और डॉ. मार्कंडेय आहूजा जैसे शिक्षाविदों को भी जोड़ा गया है। इस अवसर पर दीप कालरा, ओमप्रकाश कथूरिया और चंद्रशेखर तनेजा जैसे प्रबुद्ध नागरिकों ने ट्रस्ट की सदस्यता के लिए अपनी सहमति दी है।

