प्रदेश में खेलों के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन तैयार : नायब
कुरुक्षेत्र में 35वीं सब जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप का सीएम ने किया उद्घाटन
- खो-खो एसोसिएशन को मुख्यमंत्री ने की 21 लाख रुपये देने की घोषणा
सीएम नायब सैनी ने कहा कि खो-खो केवल एक खेल नहीं, यह हमारी भारतीय मिट्टी की खुशबू को बिखेरता है। यह ऐसा खेल है, जो हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। इसमें न तो महंगे उपकरणों और न ही बड़े मैदानों की आवश्यकता होती है। इसमें फुर्ती, रणनीति, टीम वर्क, अनुशासन और तीव्र निर्णय क्षमता की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी शनिवार को केशव पार्क में 35वीं सब जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर मंत्री कृष्ण लाल पंवार और राज्यसभा सासंद सुभाष बराला ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में खेलों के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य था हर बच्चे को खेल से जोड़ना, हर गांव में खेल का मैदान विकसित करना और हर उस युवा को अवसर देना, जिसमें खेल के प्रति जुनून और क्षमता है। इसी उद्देश्य से हम प्रदेश में वर्षभर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए तैयार करने और देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का सपना देखा है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया जैसे अभियान इसी सोच का परिणाम हैं।
हरियाणा स्पोर्ट्स खो-खो एसोसिएशन के प्रधान जवाहर सिंह यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, भाजपा नेता जयभगवान शर्मा डीडी, जिलाध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी, सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के वाइस चेयरमैन धूमन सिंह किरमच, मुख्यमंत्री के ओएसडी गजेन्द्र फौगाट, मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, प्रदेश सचिव राहुल राणा, खो-खो फेडरेशन आफ इंडिया के प्रधान सुधांशु मित्तल, उपनिदेशक सुनीता खत्री, चीफ कोच आफ इंडिया डाॅ. मुन्नी जून, महासचिव उपकार सिंह विर्क, टी सचिव एमएस त्यागी, महासचिव महेन्द्र काम्बोज, शिक्षा विभाग से वाईएसओ सत्यवीर, खो-खो एसोसिएशन के जिला प्रधान राजकुमार सैनी मौजूद रहे।
5 दिवसीय प्रतियोगिता में 34 टीमें ले रहीं भाग
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में इस स्तर की प्रतियोगिता हरियाणा में आयोजित हुई थी और आज लगभग 12-13 वर्षों के बाद हम पुनः इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के साक्षी बन रहे हैं। भारत के सभी राज्यों एवं अन्य खेल इकाइयों की 34 टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं, जो यह दर्शाता है कि खो-खो जैसे पारंपरिक खेल के प्रति देशभर में कितना उत्साह है। यह प्रतियोगिता 5 दिवसीय है और इसका समापन आगामी 4 फरवरी को होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, गुजरात से लेकर पूर्वाेत्तर भारत तक, लगभग 1080 बालक एवं बालिका खिलाड़ी यहां अपनी प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करने आए हैं। इन खिलाड़ियों के साथ-साथ 210 समर्पित कोच भी यहां मौजूद हैं, जिन्होंने इन बच्चों को तैयार करने में वर्षों की मेहनत लगाई ह

