ट्रांसपोर्टर पर फायरिंग में 3 और गिरफ्तार, पूछताछ में खुलासा
ट्रांसपोर्टर पर हमले के मामले में सीआईए वन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की और तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार देर शाम गांव नारायणा के पास दिल्ली पैरेलल नहर के पुल के नजदीक से तीनों को...
ट्रांसपोर्टर पर हमले के मामले में सीआईए वन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की और तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार देर शाम गांव नारायणा के पास दिल्ली पैरेलल नहर के पुल के नजदीक से तीनों को काबू किया। उनकी पहचान गांव डाहर निवासी सुमित, अंकित व टिंकू के रूप में हुई है। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पहले से गिरफ्तार अपने तीन साथियों नौल्था निवासी सुनील उर्फ गुंडा, डाहर निवासी प्रिंस और एक नाबालिग के साथ मिलकर ट्रांसपोर्टर पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। सुमित फरार चल रहे सुनील उर्फ शीलू का भाई है। पुलिस के अनुसार, तीनों ने स्वीकार किया कि सुनील उर्फ शीलू के कहने पर दहशत फैलाने के इरादे से यह हमला किया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि 24 जनवरी को गांव डाहर में शीलू के ऑफिस के बाहर खड़े होकर पूरी साजिश रची गई। इसके बाद शाम के समय प्रिंस, सुनील और नाबालिग आरोपी ने महराणा गांव में ट्रांसपोर्टर के ऑफिस के पास उसे गोलियों से छलनी कर दिया। फिलहाल शीलू किसी अन्य देश में फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने सोमवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस हथियारों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। 28 जनवरी पानीपत सीआईए वन व एसटीएफ सोनीपत की संयुक्त टीम ने जौंधन खुर्द रोड पर मुठभेड़ के बाद सुनील उर्फ गुंडा, प्रिंस और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था। पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपियों के पैरों में गोली लगी थी। नाबालिग को बाल सुधार गृह मधुबन भेजा गया, जबकि इलाज के बाद सुनील व प्रिंस को जेल भेज दिया गया। थाना मॉडल टाउन में दर्ज शिकायत के अनुसार 24 जनवरी की शाम महराणा गांव में ट्रांसपोर्टर सी. सुब्रम्णयम को बाइक सवार व पैदल आए आरोपियों ने बातचीत के बहाने बाहर बुलाकर माथे और पेट में गोलियां मारी थीं।

