फतेहाबाद में 21 मेडिकल स्टोर खंगाले, बिना लाइसेंस चल रहा क्लिनिक सील
ड्रग विभाग–पुलिस का संयुक्त सर्च अभियान, 35 दुकानों की जांच
जिले में मेडिकल नशे और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को पुलिस व ड्रग विभाग ने संयुक्त रूप से विशेष सर्च अभियान चलाया। यह अभियान प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर ललित गोयल और एसपी सिद्धांत जैन के निर्देश पर संचालित किया गया। भिवानी, हिसार, सिरसा और फतेहाबाद से आए ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने सिरसा जोन के सीनियर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर रमन श्योराण के नेतृत्व में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में जांच की। अभियान के दौरान कुल 21 मेडिकल स्टोर, 14 संदिग्ध कन्फेक्शनरी दुकानों तथा कई खोखों की बारीकी से जांच की गई। टीम ने मेडिकल स्टोर संचालकों से दवाओं की खरीद-फरोख्त से संबंधित बिल, वैध लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर व अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की और नियमों के पालन के निर्देश दिए। विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की अवैध बिक्री न हो।
जांच के दौरान सीनियर मॉडल स्कूल के पास अवैध रूप से संचालित एक क्लिनिक और उससे जुड़े मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। श्रीराम हेल्थ सेंटर के संचालक राकेश कुमार मौके पर कोई वैध लाइसेंस या डिग्री प्रस्तुत नहीं कर सके। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए नागरिक अस्पताल के डॉ. तरुण ने पुलिस को पत्र भेजा है। सीनियर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर रमन श्योराण ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाना है। एसपी सिद्धांत जैन ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ ऐसे संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे। पुलिस एवं ड्रग विभाग समय-समय पर विभिन्न स्थानों की जांच करते रहेंगे, ताकि जिले को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सके।उन्होंने आमजन से अपील की कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

