मुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में जिला करनाल को कई बड़ी सौगात दी हैं, जिससे करनाल का कायाकल्प हो सकता है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में भारत
सरकार द्वारा नमो भारत आरआरटीएस के अंतर्गत दिल्ली-बावल तथा दिल्ली-करनाल के दो कॉरिडोर मंजूर किए हैं। 93 किलोमीटर लम्बे दिल्ली-बावल कॉरिडोर की लागत 32,327 करोड और 136 किलोमीटर लम्बे दिल्ली करनाल कॉरिडोर की लागत 33,051 करोड़ होगी। इसके अलावा करनाल में युवा छात्रावास, पराली पर आधारित 9.9 से 25 मैगावाट बायोमास बिजली परियोजना, नया विश्राम गृह बनाया जाएगा। इसके अलावा जिले के लिए बजट में गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के अंतर्गत किसानों को 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण अपनाने के लिए किसानों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 5 हजार प्रति एकड़ किया जाएगा।
असंध में नया डायलिसिस केंद्र स्थापित किया जाएगा
असंध विधायक योगेंद्र राणा ने बताया कि प्रदेश की हर सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगर केन हार्वेस्टर उपलब्ध करवाएगी ताकि श्रम लागत में कमी आए। घरौंडा व सिरसा में स्थापित कीटनाशक अवशेष परीक्षण प्रयोगशालाओं में फलों और सब्जियों के सैंपल्स की वार्षिक परीक्षण क्षमता 3 हजार सैंपल से बढ़ाकर 5 हजार सैंपल प्रतिवर्ष करने तथा इनमें नेमाटोड परीक्षण प्रयोगशालाओं को स्थापित किया जाएगा। असंध में नया डायलिसिस केंद्र स्थापित किया जाएगा।
हवाई अड्डे के निर्माण से बढ़ेगा निवेश, रोजगार
करनाल विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि करनाल जिला में भी 25 आयुष औषधालय बनाने का बजट मे प्रावधान कर करनाल को सौगात दी है। करनाल सहित कुछ जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को उपज बेचने के लिए मंडी
में उचित स्थान मिलेगा।
50 करोड़ से बनेगी मछली प्रसंस्करण इकाई
करनाल मे लगभग 50 करोड़ की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई बनाने का भी बजट मे प्रावधान किया है। मधुमक्खी पालन, डेरी फार्मिंग और गन्ना व बागवानी क्षेत्र को बढ़ावे के लिए भी बजट मे आकर्षक प्रावधान सुनिश्चित किए गए है। सड़कों के सुदृढ़ीकरण पर भी
फोकस रखा है।

