जब आईपीएल के अध्यक्ष ललित मोदी के लिए दिल्ली से धर्मशाला पहुंचीं थीं मर्सिडीज कारें, किसी और कार में पसंद नहीं था ट्रैवल करना!

लेखक बोरिया मजूमदार ने किताब में किया दावा : फाइव स्टार होटल में पूरी फ्लोर करवाते थे बुक, कोई नहीं कर सकता था सवाल

जब आईपीएल के अध्यक्ष ललित मोदी के लिए दिल्ली से धर्मशाला पहुंचीं थीं मर्सिडीज कारें, किसी और कार में पसंद नहीं था ट्रैवल करना!

फाइल फोटो

नयी दिल्ली, 26 जून (एजेंसी)

भ्रष्टाचार के मामले में देश छोड़ कर भागने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व आयुक्त ललित मोदी के लिए धर्मशाला और नागपुर जैसे शहरों में मर्सिडीज की एस-क्लास कारों का विशेष तौर पर इंतजाम करना पड़ा था क्योंकि इन शहरों में यह कार उपलब्ध नहीं थी और वह किसी अन्य कार में सवारी नहीं करना चाहते थे। एक नयी पुस्तक ‘मेवरिक कमिश्नर: द आईपीएल-ललित मोदी सागा' में लेखक बोरिया मजूमदार ने यह दावा किया कि ललित मोदी जब आईपीएल मैच के लिए धर्मशाला गये थे तो उनके कार्यालय ने दिल्ली से उनके लिए मर्सिडीज की एस क्लास कारें भेजी। ये कारें धर्मशाला में उनके विमान से उतरने से पहले वहां पहुंच गयी थीं। मजूमदार ने एक और घटना का जिक्र करते हुए लिखा है कि जब मोदी मई 2010 में देश छोड़ चुके थे, तो एक होटल ने बीसीसीआई को एक बिल राशि भेजी थी जो कि बकाया थी और तब बोर्ड ने उनके बिल को भरने से मना कर दिया था। लेखक के अनुसार, ये कुछ उदाहरण हैं जिससे पता चलता है कि कई लोग आईपीएल से क्यों नफरत करते रहे। उनका कहना है कि क्रिकेट की बढ़ती ब्रांड वैल्यू के बावजूद इसमें ग्लैमर और ऐश्वर्य का अश्लील प्रदर्शन हमेशा लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला था। लेखक के मुताबिक, ‘ललित अपनी सफलता के खुद शिकार हो गये। उनका मानना था कि ग्लैमर और ऐश्वर्य के बिना यह लीग नहीं चल पायेगी।' आईपीएल के पहले दो सत्र की सफलता के बाद वह अपने शौक को पूरा करने में बेवजह का खर्च कर रहे थे। उन्होंने लिखा, ‘ललित एक मैच को देखने के लिए धर्मशाला गये थे। उनके कार्यालय ने दिल्ली से दो एस-क्लास मर्सिडीज कारें बुक की थीं, जो विमान से उनके उतरने से पहले वहां पहुंच गयी थी। हिमाचल में एस क्लास मर्सिडीज कार नहीं थी ऐसे में दिल्ली से उसे भेजा गया।' उन्होंने कहा, ‘ऐसा ही वाकया नागपुर में हुआ। जब वह शशांक मनोहर से मिलने गये थे। नागपुर में इस तरह की कोई कार नहीं थी, इसलिए ललित के लिए हैदराबाद से कार बुक कर के नागपुर भेजी गयी।' उनकी फिजूलखर्ची का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि वह पंचतारा होटल में पूरी फ्लोर (मंजिल) अपने इस्तेमाल के लिए बुक (आरक्षित) करवाते थे और किसी के पास भी उनसे यह सवाल करने की हिम्मत नहीं थी कि यह उनके अपने खर्च से हो रहा या बीसीसीआई के पैसे से। लेखक ने हालांकि कहा कि मोदी ने आईपीएल को बीसीसीआई के लिए ‘सोने के अंडे देने वाली मुर्गी' की तरह का ब्रांड बना दिया। उन्होंने कहा, ‘आईपीएल बनाने में, ललित मोदी ने भारत और उसके बाहर क्रिकेट को एक नया जीवन दिया। क्रिकेटरों को एक नयी पहचान मिली और विपणक को निवेश का एक नया अवसर मिला। प्रसारकों को एक जादुई उत्पाद मिला और बीसीसीआई को ‘सोने के अंडे देने वाली मुर्गी' मिली।'

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