औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के विकास, पर्यावरणीय स्थिति और भविष्य को लेकर किनविन संघर्ष समिति व हिम परिवेश संस्था ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि पिछले करीब 26 वर्षों में क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ, लेकिन इसके साथ आम लोगों के हिस्से में प्रदूषण, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और पर्यावरणीय संकट भी बढ़ने की चिंता सामने आई है। अपील में आरोप लगाया गया है कि कुछ शासकीय अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़े भूमि मालिकों के स्तर पर औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिला, जबकि स्थानीय आबादी को इसके दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ा। समिति ने सवाल उठाया है कि विकास की कीमत स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य, स्वच्छ हवा, सुरक्षित पेयजल और जीवन की गुणवत्ता से नहीं चुकाई जानी चाहिए।इलाके में बीमारियां बढ़ रहीहिम परिवेश संस्था समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी चंद ठाकुर एवं कोषाध्यक्ष गुरदयाल सिंह ठाकुर लीगल एडवाइजर नरेश घई ने बीबीएन में बढ़ते वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और भूजल संकट को प्रमुख चिंता बताया है। उन्होंने अपील में कहा गया है कि क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की बीमारियों और दुर्गंध को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं तथा प्रदूषण के धीरे-धीरे लोगों की सांसों और खान-पान में प्रवेश करने की आशंका व्यक्त की जा रही है। साथ ही अत्यधिक पानी का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों और उनके आसपास की आबादी के बीच दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। किंविन संघर्ष समिति की सदस्य व भाजपा नेत्री जिला परिषद सदस्य इंदु ठाकुर और हिमप्रवेश के महासचिव बालकृष्ण ने कहा है कि अब औद्योगिक विस्तार के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।प्रधानों, उपप्रधानों, पंचायत सदस्यों से एकजुट होने की अपीलसंघर्ष समिति के सदस्य व विधायक हरदीप सिंह बावा व अन्य सदस्यों ने क्षेत्र के प्रधानों, उपप्रधानों, पंचायत सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों से एकजुट होने की अपील की है। अपील के मुताबिक 30 सितंबर को सुबह 11 बजे नालागढ़ पहुंचकर एक मंच पर एकत्रित होने का आह्वान किया गया है। बैठक में संस्था अध्यक्ष लक्ष्मी सिंह, सचिव बालकृष्ण शर्मा, जिला परिषद सदस्य इंदू ठाकुर, सेवानिवृत्त प्रोफेसर सतविन्द्र सिंह, हरदीप सिंह, अधिवक्ता नरेश घई, मास्टर हरबंस सैनी, मास्टर नूराता राम, गुरदयाल सिंह, हरदीप सिंह, रणविजय ठाकुर, यशपाल सिंह, प्रताप सिंह, चन्द्रमणी धीमान मौजूद रहे।