संघ के खिलाफ टिप्पणी पर विधानसभा में हंगामा
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नेगी ने किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि, एक संगठन के खिलाफ टिप्पणी की है और यह सामान्य बात है। भाजपा के विपिन परमार ने कहा कि नेगी की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पहले, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को सदन में उठाना चाहा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए इसकी इजाजत नहीं दी कि प्रश्नकाल शुरू हो चुका है और वह प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष को बोलने की इजाजत देंगे। विधानसभा अध्यक्ष की इस व्यवस्था के बावजूद विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा और जब विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को बोलने की इजाजत नहीं दी तो सभी विपक्षी सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर खड़े हो गए और नारेबाजी आरंभ कर दी। पूरा विपक्ष नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच पहुंच गया।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने हंगामे को देखते हुए 11.25 बजे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही 11.50 बजे फिर शुरू हुई और विपक्ष की गैरमौजूदगी में प्रश्नकाल शांतिपूर्ण चला।
फिर से देखूंगा सारा रिकार्ड- विधानसभा अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह राजस्व मंत्री द्वारा आरएसएस को लेकर बोली गई बातों को फिर से रिकार्ड में देखेंगे और यदि इसमें कुछ भी अवांछित हुआ तो उसे रिकार्ड से हटा दिया जाएगा।
अब प्रदर्शन की देनी होगी पूर्व सूचना
स्पीकर ने कहा कि विधानसभा परिसर में एक ही समय में सत्तापक्ष और विपक्ष द्वारा किसी भी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने की स्थिति में दोनों दलों को इसकी विधानसभा सचिवालय को पूर्व सूचना देनी होगी।
नेगी के प्रति विपक्ष में दुर्भावना - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने सदन में हंगामे पर कहा कि भाजपा में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रति दुर्भावना है। नेगी जब भी बोलते हैं तो विपक्ष बाहर चला जाता है। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही के बीच व्यवधान डालना विपक्ष की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि सदन आम सहमति से चलना चाहिए।
