सरकार ने वित्त आयोग के सामने सही ढंग से नहीं रखा पक्ष : जयराम
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल के लिए आरडीजी बंद होने का ठीकरा प्रदेश की सुक्खू सरकार पर फोड़ा है। जयराम ठाकुर ने शिमला में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने...
नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल के लिए आरडीजी बंद होने का ठीकरा प्रदेश की सुक्खू सरकार पर फोड़ा है। जयराम ठाकुर ने शिमला में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने 16वें वित्तायोग के सामने राज्य का पक्ष सही ढंग से नहीं रखा। यही कारण था कि केंद्र सरकार ने हिमाचल सहित 17 राज्यों को दी जाने वाली आरडीजी बंद कर दी।
जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरडीजी बंद होने के लिए कांग्रेस सरकारों को भी जिम्मेदार ठहराया। कर्नाटक ने आरडीजी का 16वें वित्तायोग के सामने जोरदार विरोध किया था और इसे विसंगति करार दिया था। कर्नाटक सरकार का कहना था कि वित्त आयोग को सभी राज्यों को एक समान दृष्टि से देखना चाहिए और राजस्व घाटा अनुदान को तुरंत बंद कर देना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसी स्थिति में कांग्रेस किस नीति के तहत आरडीजी बंद करने का विरोध कर रही है। कांग्रेस को सलाह दी कि वह अपनी ही पार्टी की कर्नाटक सरकार से पूछे कि यह दोहरे मापदंड क्यों अपना रही है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि 15वें वित्त आयोग ने राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के बारे में स्पष्ट संकेत दिए थे और हिमाचल की सुक्खू सरकार को सत्ता संभालने के बाद इस स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारी करनी चाहिए थी लेकिन सरकार अंत तक सोई रही।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि वह हिमाचल को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का सबसे अमीर राज्य बनाने के अपने विजन का प्रदेश की जनता के सामने खुलासा करें।

