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घायल कैदी और पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर

लुधियाना जेल में दंगे के बाद 24 कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज

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लुधियाना सेंट्रल जेल में मंगलवार रात को हुई हिंसक घटना के बाद 24 कैदियों को गिरफ्तार किया गया है। उस दंगे जैसी परिस्थितियों में कई कैदी और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस कमिश्नर, लुधियाना स्वपन शर्मा ने आज संवाददाताओं को बताया कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि घायल होने वालों में जेल सुप्रिंटेंडेंट, 2 गजेटेड पुलिस अधिकारी और तीन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान शामिल हैं। शर्मा ने कहा कि सभी की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। उन्होंने दावा किया कि अब जेल में शांति है, स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और गत रात के बाद कोई नई हिंसक घटना नहीं हुई है। यह झड़प गत रात लुधियाना सेंट्रल जेल में कैदियों के बीच कुछ कहासुनी के बाद हुई। बाद में कैदियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सभी दोषियों की पहचान कर ली गई है और उनके साथ कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक 24 कैदियों को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जेल के अंदर और बाहर कानून व्यवस्था हर हालत में बनाई रखी जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि जेल अधीक्षक कुलवंत सिंह सिद्धू जिनको कैदियों ने सिर पर पत्थर मार कर घायल कर दिया था अभी भी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी हालत में निरंतर सुधार हो रहा है और वह खतरे से बाहर हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में शर्मा ने कहा कि प्राथमिक जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि मंगलवार दिन के समय आपस में लड़े दो कैदियों को जेल प्रशासन द्वारा सजा देने के बाद जब उनको उनकी बैरकों में छोड़ा जा रहा था तो उनमें से एक ने आपत्तिजनक उत्तेजित भाषा में टिप्पणी की, परिणाम स्वरूप अन्य कैदी भड़क उठे और उन्होंने वहां क्यारियों में लगी ईंटो को उखाड़ कर दूसरे कैदियों पर फैंकना शुरू कर दिया। जब दंगे जैसी परिस्थिति के दृष्टिगत जेल पुलिस अधीक्षक सिद्धू पहुंचे तो उपद्रवी कैदियों ने उनपर भी पथराव किया जिससे जेल अधीक्षक सहित कई घायल हो गये।

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