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राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू, तीन मिनट में किया समाप्त

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दाे पैरा तो पढ़े, लेकिन इससे आगे के पैरा नहीं पढ़े और कुल मिलाकर तीन मिनट के भीतर अपना अभिभाषण समाप्त किया। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि इस सत्र का आयोजन वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदान मांगें, वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान पारित करने और महत्वपूर्ण विधायी कार्य के लिए किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सदन की उच्च परंपरा के अनुसार सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर रचनात्मक विचार-विमर्श करेंगे।

राज्यपाल ने कहा, ''उनके अभिभाषण में पैरा तीन से लेकर पैरा 16 तक संवैधानिक संस्था के संदर्भ में टिप्पणियां हैं, जिन पर सदन में निश्चित रूप से विचार होगा। मैं समझता हूं कि मुझे इन्हें नहीं पढ़ना चाहिए। पैरा 17 से लेकर आगे तक सरकार की अभी तक की उपलब्धियों का वर्णन है। इसलिए अच्छा होगा कि सभी सदस्य इन्हें पूरी तरह से पढ़ें।'' उन्होंने सरकार की गतिविधियों को विधानसभा सदन के सम्मुख रखने के लिए अवसर देने के लिए सभी का आभार भी जताया।

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बता दें कि राज्यपाल के अभिभाषण में पैरा तीन से लेकर पैरा 16 में 16वें वित्तायोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान जारी न रखने का जिक्र था और इसके कारण हिमाचल को होने वाले नुकसान की बात लिखी थी। राज्यपाल ने इस संबंध में लिखे गए अभिभाषण को नहीं पढ़ा और न ही इससे आगे लिखी राज्य सरकार की उपलब्धियों को पढ़ा।

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राज्यपाल ने अपने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धयों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य के कर राजस्व में 3300 करोड़ रुपए और गैर कर राजस्व में 1600 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 20 वर्ष पूर्व खरीदी गई मशीनरी को नई मशीनों के साथ बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि याेजना के तहत इस समय प्रदेश में 35687 पात्र महिलाओं को 1500 रुपए हर माह दिए जा रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 30.7- करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में नशे की लत से ग्रस्त युवाओं के पुनर्वास के लिए सिरमौर जिले के कोटला बड़ोग में स्टेट आफ द आर्ट माल नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों से समर्थन मूल्य पर प्राकृतिक रूप से उगाई गई गेहूं, मक्का, कच्ची हल्दी और जौ खरीद रही है।

राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के दौरान 16500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं में 16488 परिवार प्रभावित हुए। इन परिवारों को विशेष आपदा राहत पैकेज से राहत राशि उपलब्ध करवाकर उनका पुनर्वास किया जा रहा है।

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