हिमाचल कांग्रेस में बगावत! CM सुक्खू की कार्यशैली से नाराज प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज भारती ने दिया इस्तीफा
सरकार पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप; कांग्रेस उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक नीरज भारती बोले- समर्पित कार्यकर्ता खुद को हाशिये पर महसूस कर रहे हैं
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली को लेकर उन्हीं की पार्टी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज भारती ने सवाल उठाए हैं। नीरज भारती बगावती सुर में सीएम की कार्यशैली और व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत के यह सुर ऐसे वक्त में आए हैं जब कांग्रेस को पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय शहरी निकायों के चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। यही नहीं स्थानीय शहरी निकायों में जोड़-तोड़कर पार्टी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के सरकार के मंसूबों पर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पानी फेर दिया है। इससे कार्यकर्ता हताश हैं।
नीरज भारती ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को भेजे पत्र में कहा है कि वह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र दे रहे हैं। नीरज भारती ने पत्र में कहा है कि 'यह निर्णय मेरे लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है, क्योंकि मैंने हमेशा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य किया है। हमने, हजारों समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ, भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मजबूती से संघर्ष किया तथा कांग्रेस पार्टी को सत्ता में वापस लाने के लिए दिन-रात मेहनत की। किन्तु निराशा के साथ कहना पड़ रहा है कि वर्तमान राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कार्यशैली एवं व्यवस्था से मैं स्वयं को अत्यंत असंतुष्ट महसूस करता हूं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने उन मेहनती, संघर्षशील एवं समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निराश किया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का झंडा मजबूती से उठाए रखा और कांग्रेस सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।'
नीरज भर्ती ने पत्र में कहा है कि 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनेक जमीनी स्तर के, निष्ठावान एवं हार्डकोर पार्टी कार्यकर्ता स्वयं को उपेक्षित, अनसुना और हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए संघर्ष किया, जनता के बीच लड़ाई लड़ी और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने के लिए अपना समय, ऊर्जा और सम्मान दांव पर लगाया, आज वही कार्यकर्ता स्वयं को असहाय एवं उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती यह दूरी निराशा और हताशा का कारण बनी हुई है। इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए तथा वर्तमान स्थिति के साथ स्वयं को सामंजस्य स्थापित करने में असमर्थ पाते हुए, मैं अपने संगठनात्मक दायित्व से स्वयं को अलग करना उचित समझता हूं।'
नीरज भारती ने पार्टी नेतृत्व एवं उन सभी साथियों का धन्यवाद किया है जिन्होंने उन्हें यह जिम्मेदारी और विश्वास प्रदान किया। उन्होंने आशा जताई है कि भविष्य में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से सुना और समझा जाएगा। इसलिये उनका त्यागपत्र स्वीकार किया जाए।
चौधरी चंद्र कुमार के पुत्र हैं नीरज भारती
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ बगावत करने वाले हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष नीरज भारती कोई और नहीं बल्कि सुक्खू मंत्रिमंडल में सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक चौधरी चंद्र कुमार के पुत्र हैं। नीरज भारती कांग्रेस के पूर्व विधायक भी रह चुके हैं और सोशल मीडिया पर दबंग बयानबाजी के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनकी बेबाकी की विपक्ष भी प्रशंसा करता रहा है।
