मानसून सत्र समाप्त... हिमाचल विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हिमाचल में विधायकों को झंडी का रास्ता साफ
हिमाचल विधानसभा में 91% कामकाज, स्पीकर बोले- देश में सर्वश्रेष्ठ रही उत्पादकता
Himachal Assembly : हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 10 दिवसीय मौनसून सत्र वीरवार को समाप्त हो गया। सत्र की समाप्ति के साथ ही विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि मौनसून सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 91 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान 45 घंटे 30 मिनट तक सदन की कार्यवाही चली। विधानसभा अध्यक्ष ने इस उत्पादकता को देश में सर्वश्रेष्ठ बताया।
786 सवालों के जवाब, 7 बिल पास
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्र के दौरान कुल 786 प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार की ओर से उत्तर उपलब्ध करवाए गए। इनमें 514 तारांकित और 272 अतारांकित प्रश्न शामिल रहे। उन्होंने बताया कि नियम 62 के तहत 14, नियम 101 के तहत 5, नियम 130 के तहत 2 तथा नियम 324 के तहत 11 विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। शून्यकाल के दौरान 34 विषय सदन में उठाए गए। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान सात सरकारी विधेयक पारित किए गए। वहीं, समितियों के 44 प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किए गए।
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारी दीर्घा में सत्र की समाप्ति के मौके पर अधिकारियों के नदारद होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि परंपरा के मुताबिक मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अधिकारी दीर्घा में मौजूद होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वे इस कोताही का संज्ञान लेंगे।
जयराम ठाकुर ने गिनाईं विपक्ष की बातों की अनदेखी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से उठाई गई अधिकांश बातों को सुना गया, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। जयराम ठाकुर ने सत्र की समाप्ति पर अधिकारी गैलरी में अधिकारियों की गैर मौजूदगी का मुद्दा उठाया और कहा कि इस पर विधानसभा अध्यक्ष को संज्ञान लेना चाहिए।
विधानसभा सचिवालय एक सप्ताह उपलब्ध करवाएगा फ्लैग
हिमाचल प्रदेश के विधायकों की झंडी की हसरत पूरी हो गई है। राज्य के मंत्रियों को छोड़कर शेष सभी विधायकों को एक सप्ताह के भीतर झंडी मुहैया करवा दी जाएगी। इसके साथ ही विधायक अपने वाहनों पर विधानसभा द्वारा दी गई झंडी लगा सकेंगे। मौनसून सत्र के समाप्ति के मौके पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा की सुख सुविधा कमेटी ने सदस्यों को झंडी मुहैया करवाने की सिफारिश की है। कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर उन्हें झंडी प्रदान करवा दी जाएगी।
6 साल के इंतजार के बाद खुला रास्ता
उल्लेखनीय है कि साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में साफ किया था कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति, जिनमें राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्यों के काबीना मंत्री व सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज शामिल हैं, अपने वाहनों पर तिरंगा लगा सकते हैं। साथ ही वाहनों पर रेड लाइट लगाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट व उच्च न्यायालय ने समय-समय पर आदेश दिए हैं। इन आदेशों के बाद प्रदेश में विधायकों के वाहनों से तिरंगा गायब हो गया। इसके पश्चात मोटर वाहन अधिनियम में भी वाहनों पर तिरंगा लगाने को लेकर प्रावधान स्पष्ट किए गए, लेकिन प्रदेश के विधायक पिछले करीब 6 सालों से झंडी मिलने का इंतजार कर रहे थे।
पूर्व की भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी विधायक झंडी प्रदान करवाए जाने की मांग कर रहे है। इसी मांग को लेकर विधायकों ने वर्ष 2023 में प्रदर्शन भी किया और विधानसभा अध्यक्ष तथा मुख्यमंत्री से लगातार झंडी मुहैया करवाने की मांग करते रहे। विधायकों की मांग के को आखिर वीरवार को उस समय पूरा कर दिया गया, जब विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में उन्हें विधानसभा की झंडी प्रदान करने की घोषणा की।

