मनरेगा भारत की आत्मा, इसे कमजोर करना गरीबों पर सीधा हमला : मुकेश अग्निहोत्री
हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) भारत की आत्मा है और करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए...
हिमाचल के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) भारत की आत्मा है और करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए सम्मानजनक रोजगार की मजबूत आधारशिला रही है।
यह योजना न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल देती है, बल्कि गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और इस योजना को कमजोर करने के प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमला केवल एक योजना पर नहीं, बल्कि देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है। अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा की मूल भावना ग्राम स्वराज से जुड़ी हुई थी, जहां ग्राम स्तर पर योजनाओं का निर्माण होता था और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य तय किए जाते थे। लेकिन अब यह अधिकार छीनकर केंद्र द्वारा थोपे जा रहे निर्णयों में बदल दिया गया है, जिससे राज्यों और पंचायतों की भूमिका कमजोर हो रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल से लेकर अब तक मनरेगा का बजट पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता रहा है। लेकिन वर्तमान समय में केंद्र सरकार राज्यों पर हिस्सेदारी का बोझ डालकर राज्य सरकारों को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बजट में कटौती, भुगतान में देरी और नियमों में बार-बार बदलाव से मनरेगा की आत्मा को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार मनरेगा की मूल भावना और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।

