दून विधानसभा के अंतर्गत आने वाले पट्टा मेहलोग के कोंटा गांव में जंगली तेंदुए के आतंक से ग्रामीण परेशान थे। रोशन लाल की शिकायत पर वन्य विभाग की टीम हरकत में आई और लगभग 1 महीना पहले उन्होंने तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए पिंजरा रोशन लाल के बकरी पालन वाले स्थान के नजदीक लगाया। पिंजरे में रोशन लाल को किसी एक बकरी के बच्चे को रोजाना उसके एक किनारे पर डालना पड़ता था ताकि बाग उसके शिकार के लालच में पिंजरे में घुस जाए और जाल में पकड़ा जाए। आखिरकार उनकी 1 महीने की लगातार मेहनत कामयाब हुई और बाग उस पिंजरे के जाल में फंस गया।