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Leader of the Opposition Jairam Thakur: 13 साल से सत्ता से बाहर, हताशा में अराजकता फैला रही कांग्रेस : जयराम ठाकुर

कहा- देश में अराजकता और अफरातफरी का माहौल बनाकर सत्ता में आने की जुगत में कांग्रेस

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नेता विपक्ष जयराम ठाकुर। फाइल
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Leader of the Opposition Jairam Thakur : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चुनाव आयोग विवाद पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। जयराम ने मंगलवार को शिमला में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि 13 साल से सत्ता से बाहर होने के कारण कांग्रेस में हताशा और निराशा है, इसलिए अब देश में अराजकता और अफरा-तफरी का माहौल बनाकर सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ये बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। एक तरफ कांग्रेस नेता संविधान की किताब हाथ में लेकर पूरे देश में घूमते हैं, लोकसभा में शपथ ग्रहण के दौरान संविधान की कॉपी हाथ में लेकर शपथ लेते हैं और दूसरी तरफ उसी संविधान से बनी संवैधानिक संस्थाओं पर देश-विदेश में बेबुनियाद आरोप लगाते हैं।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्होंने नई टेक्नोलॉजी अपनाई है। पीपीटी बनाकर प्रेजेंटेशन देते हैं और मीडिया को क्लासरूम में बच्चों की तरह प्रोफेसर बनकर पढ़ाने की कोशिश करते हैं। ये देश के साथ हास्यास्पद स्थिति है।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस जिस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगा रही है, उनका कार्यकाल अभी 2 साल भी पूरा नहीं हुआ है, जबकि कांग्रेस खुद 13 साल से सत्ता से बाहर है। तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद चुनाव आयोग ने जो प्रेस नोट जारी किया है, उससे दूध का दूध, पानी का पानी हो गया है।

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कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र कोई विरोध पत्र नहीं था। वो आयोग की किसी नीति या आईटी सिस्टम या एसआईआर के खिलाफ नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक सीमित था। राहुल गांधी जो बातें एक अंग्रेजी अखबार के हवाले से कह रहे हैं, वो तथ्यहीन और कल्पना पर आधारित हैं।

जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के समय के चुनाव आयुक्तों का इतिहास गिनाया और कहा कि कांग्रेस के समय चुनाव आयुक्तों को कांग्रेस सरकार ने बड़े पदों पर लगाया। 1982 से 1985 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे आर.के. त्रिवेदी को बाद में गुजरात का राज्यपाल बनाया गया। मात्र 15 दिन के लिए चीफ इलेक्शन कमिश्नर रहीं रमा देवी को हिमाचल और फिर कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया। टी.एन. शेषन 1990 से 1996 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। बाद में राष्ट्रपति का चुनाव और 1999 में गांधीनगर से आडवाणी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़े। एम.एस. गिल 1996 से 2001 तक चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। रिटायरमेंट के बाद कांग्रेस में शामिल हुए, राज्यसभा गए और 10 साल तक केंद्र में मंत्री रहे।

जयराम ने कहा कि 1991 में जो हुआ वो देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। लोकसभा चुनाव 4 चरणों में होने थे, 2 चरण हो चुके थे, 20 मई को मतदान के बाद 21 मई की रात राजीव गांधी की हत्या हुई और बाकी 2 चरण जो 23 और 26 मई को होने थे, उन्हें टालकर 12 और 15 जून को कर दिया गया। 21 दिन तक चुनाव टाले गए। बीच में 28 मई को देशभर में 33 जगह अस्थि कलश जुलूस निकालकर सहानुभूति का माहौल बनाया गया। नतीजा हत्या से पहले 211 सीटों पर कांग्रेस को सिर्फ 50 सीटें मिलीं और हत्या के बाद 310 सीटों में से 176 सीटें मिलीं।

कांग्रेस के वोट तो दशकों से चोरी हो रहे हैं

वोट चोरी के आरोप पर जयराम ने कहा कि भाजपा तो 2014 में सत्ता में आई, कांग्रेस के वोट तो दशकों से चोरी हो रहे हैं। ओडिशा में 1999 के बाद 25 साल से कांग्रेस सत्ता में नहीं, बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस का सफाया, 34 साल सीपीएम और 2011 से 3 बार ममता बनर्जी, बिहार में 1990 के बाद लालू यादव, उत्तर प्रदेश में 1989 के बाद, तमिलनाडु में 1967 के बाद कांग्रेस सत्ता में नहीं, तब वोट चोरी याद नहीं आई? जब मोदी तीसरी बार लोकतांत्रिक तरीके से जीते तब वोट चोरी याद आई? जब भी चोर शब्द का इस्तेमाल किया, कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

हिमाचल में कांग्रेस ने की हद पार

जयराम ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस ने हद कर दी। चुनाव आयोग के दफ्तर में जाकर बोर्ड पर कालिख पोती, पुतले को लातों-जूतों से मारा। प्रभारी रजनी पाटिल, डिप्टी सीएम जो संवैधानिक पद पर हैं, मंत्री जो संवैधानिक पद पर हैं, वो सब गए। एक नेता बोला - मैं इस चुनाव आयोग को आग लगा दूंगा। ये वही चुनाव आयोग है जिसने इनकी जीत का परिणाम निकाला और ये सरकार चला रहे हैं। सत्ता में बैठकर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान दिमागी दिवालियापन है। इनको लगता है सत्ता सिर्फ गांधी परिवार के लिए बनी है। इसआईआर के विरोध पर जयराम ने कहा कि इसका एक ही मकसद है देश के बाहर के लोगों को लाकर मतदान करवाना और उनके बलबूते सत्ता में आना। बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने की चिंता कांग्रेस और इंडी गठबंधन को क्यों हो रही है? सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि जरूरत होगी तो वो इस मामले को सुनने को तैयार है। कांग्रेस पूरी तरह एक्सपोज हो गई है।

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