Himachal Civic Polls : हिमाचल में नगर परिषद और नगर निगम चुनावों में लहराया केसरिया, कांग्रेस पिछड़ी
25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों के लिए मतदान के बाद दावों का दौर शुरू, हरोली और रामपुर में कांग्रेस को झटका, कांगड़ा में मजबूत
Himachal Civic Polls : हिमाचल प्रदेश में रविवार को 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों के लिए हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इन चुनावों में अपनी बड़ी जीत का दावा करते हुए मोर्चा मार लिया है, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ कांग्रेस सीटों की संख्या के आधार पर खुद को मजबूत बता रही है। अभी तक सामने आए परिणामों के अनुसार, भाजपा जहां 25 नगर परिषदों में से 18 और 22 नगर पंचायतों में से 12 पर अपनी जीत का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस कुल सीटों पर बढ़त की बात कहकर सुरक्षित रास्ता अपना रही है।
रामपुर और हरोली में कांग्रेस को झटका, बिलासपुर में भाजपा का दबदबा
इन चुनावों में सत्ताधारी दल कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्वाचन क्षेत्र हरोली की संतोखगढ़ नगर परिषद में लगा है। यहां भाजपा ने 9 में से 6 सीटों पर कब्जा कर लिया है, जबकि कांग्रेस को सिर्फ तीन सीटें मिली हैं। इसके अलावा, कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले शिमला जिले में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के गृह नगर रामपुर और ठियोग नगर पंचायत में भाजपा ने जीत का परचम लहराया है। कोटखाई और चौपाल में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार आगे रहे हैं, जबकि जुब्बल और चिढ़गांव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
बिलासपुर जिले में भी भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया है। जिला मुख्यालय बिलासपुर की 11 सीटों में से 9 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली हैं। झंडुता नगर पंचायत की 7 में से 5 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं। हालांकि, घुमारवीं नगर परिषद में कांग्रेस ने वापसी करते हुए 9 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की है। सिरमौर के नाहन, मंडी की अधिकांश नगर पंचायतों और कुल्लू के मनाली में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत दर्ज की है।
कांगड़ा में कांग्रेस की वापसी, दोनों दलों के अपने-अपने दावे
प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत की है। ज्वालामुखी, देहरा और नूरपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। ज्वालामुखी में कांग्रेस को 6 और भाजपा को 2, देहरा में कांग्रेस को 5 और भाजपा को 2, जबकि नूरपुर में कांग्रेस को 6 और भाजपा को 3 सीटें मिली हैं।
बिंदल बोले- सरकार के खिलाफ जनादेश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस जीत पर जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह परिणाम वर्तमान कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से और असंतोष का प्रतीक हैं। उन्होंने दावा किया कि कुल 25 नगर परिषदों में से 18 और 22 नगर पंचायतों में से 12 में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर नया कीर्तिमान बनाया है।
कांग्रेस का पलटवार-हमें मिला ज्यादा समर्थन
दूसरी तरफ, कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं स्टेट वॉर रूम प्रभारी हरि कृष्ण हिमराल ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस को अधिक जनसमर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि 47 नगर निकायों में से 30 स्थानों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बढ़त है और 7 जगहों पर निर्दलीयों का समर्थन हासिल है। हिमराल के अनुसार, शिमला जिले की 65 सीटों में से 40 पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं, जबकि भाजपा सिर्फ 21 सीटों पर सिमट गई है। उन्होंने इन नतीजों को मुख्यमंत्री की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सोच पर जनता की मुहर बताया है।

