हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नयी शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य में परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025-26 से विद्यार्थियों को अब एक ही सत्र में दो अवसर मिलेंगे। इनमें मुख्य परीक्षा और सुधार परीक्षा होगी। इसका उद्देश्य छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम करना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
बोर्ड के अनुसार मुख्य परीक्षा वर्ष में एक बार होगी, जबकि सुधार परीक्षा उसके बाद उन विद्यार्थियों के लिए होगी जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं। छात्रों को ‘अनिवार्य सुधार’, ‘वैकल्पिक सुधार’ और ‘अनिवार्य पुनरावृत्ति’ जैसी नयी श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। इससे मूल्यांकन अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित हो सके।
सुधार परीक्षा मुख्य परीक्षा के 15 दिनों के भीतर आयोजित की जाएगी और उच्च कक्षाओं में विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही बोर्ड ने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी को एक विषय में दो बार से अधिक सुधार परीक्षा का अवसर नहीं दिया जाएगा। परिणाम कंपार्टमेंट श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अवसर मिलेंगे।
बोर्ड सचिव ने बताया कि परीक्षा नियमों से संबंधित पूरी सूचना 26 नवंबर 2025 को जारी कर दी गई है तथा बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध है। नयी प्रणाली से विद्यार्थियों को अधिक अवसर, लचीलापन और बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

