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Himachal News : एक बच्चे ने सीएम सुक्खू से पूछा- आपके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य क्या है, लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना या समय का प्रबंधन?

मुख्यमंत्री शिमला जिले के तीन दिवसीय दौरे पर, रोहड़ू में पीएम श्री राजकीय आदर्श स्कूल के बच्चों से किया संवाद

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। फाइल फोटो
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CM Sukhu's school visit : मुख्यमंत्री  सुखविन्द्र सिंह सुक्खू बृहस्पतिवार से शिमला जिले के तीन दिन के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आज रोहड़ू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सीबीएसई के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के विभिन्न सवालों के जवाब दिए और उनकी जिज्ञासाओं एवं विचारों को सुना। संवाद के दौरान एक छात्रा द्वारा स्कूल के नए भवन की मांग रखे जाने पर मुख्यमंत्री ने नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण के लिए यह राशि पर्याप्त नहीं होगी तथा राज्य सरकार आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि नए परिसर के निर्माण में कुछ समय लगेगा, लेकिन सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों के लिए आधुनिक और बेहतर सुविधाओं से युक्त उत्कृष्ट परिसरों का निर्माण करना है। छात्रा ने कहा कि सीबीएसई स्कूल बनने के बाद रोहड़ू स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और यहां दो शिफ्ट में कक्षाएं चलानी पड़ रही है। इसलिए यहां पर नए भवन की आवश्यकता है।

सीबीएसई स्कूल खोलने पर विशेष ध्यान दे रही सरकार

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल खोलने पर विशेष बल दे रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें निजी स्कूलों के समान आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य क्या है, लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना या अपने समय का प्रबंधन करना? इसके उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति में समयबद्ध सुधार लाना सबसे बड़ी चुनौती रही है।

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बच्चे ने पूछा- आपने भी सुनी हैं दादा-दादी से कहानियां

यूकेजी के एक विद्यार्थी ने सीएम सुक्खू से उनके बचपन में दादा-दादी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियों के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि सर्दियों के दिनों में परिवार के सदस्य आग के सामने बैठकर उन्हें कहानियां सुनाया करते थे। उन्होंने ‘सात बहनों’ की कहानी का भी उल्लेख किया। एक विद्यार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग से बच्चों के बौद्धिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधुनिक समय की महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन इसके प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षा और ज्ञान का मजबूत आधार आवश्यक है। रोजगार के अवसरों के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अच्छी शिक्षा सबसे आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा उनके सोचने-समझने की क्षमता विकसित करती है और उन्हें भविष्य में सही दिशा चुनने में मदद करती है।

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मुख्यमंत्री ने रोहड़ू में किया एंटी-चिट्टा रैली का नेतृत्व

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहड़ू से एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं रैली का नेतृत्व किया और विद्यार्थियों के साथ इसमें शामिल होकर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। रैली के दौरान रोहड़ू बाजार ‘नशा छोड़ो, जिंदगी से नाता जोड़ो’ जैसे नारों से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने भारी संख्या में रैली में भाग लेकर नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए हिमाचल प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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