Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Himachal Economic Crisis : विकास या फिजूलखर्ची? करोड़ों खर्च कर बनाए गए सरकारी भवन, अब पड़े हैं खाली

हिमाचल में विकास पर सवाल, 1000 से ज्यादा सरकारी भवन बिना उपयोग

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Himachal Economic Crisis : हिमाचल प्रदेश भले ही भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है, इसके बावजूद प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में करोड़ों रुपए खर्च कर ऐसे सैंकड़ों भवन बना दिए गए हैं, जिनका कोई उपयोग ही नहीं है और ये सभी भवन खाली पड़े हैं। ये खुलासा शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हुआ। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विधायक सतपाल सिंह सत्ती के मूल प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में इस समय 1098 ऐसे भवन है जो खाली पड़े हुए है। इनका कोई उपयोग नहीं हुआ है। ये भवन विभिन्न सरकारी विभागों निगमों और बोर्डों के अलावा स्वास्थ्य व शिक्षण संस्थानों के हैं।

इन भवनों के निर्माण पर बीते सालों में करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि ऐसे भवनों का आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि सरकार के पास अभी कुछ और सूचनाएं आना बाकी है। इसी मुद्दे पर विधायक सतपाल सत्ती ने सुझाव दिया कहा कि ऐसे भवनों को चिन्हित कर इनका उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि इन सदुपयोग भी हो और सरकार को अतिरिक्त आय भी हो। सत्ती ने ये भी कहा कि ऐसे भवन बनाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों का पता लगाकर उन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की फिजूलखर्ची को रोका जा सक। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भवन बनाने को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी करे ताकि संसाधनों का दुरुपयोग न हो।

Advertisement

विधायक जेआर कटवाल के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जल विद्युत का उत्पादन पानी की उपलब्धता आपदा के कारण रुकावट और गाद की समस्या सहित अन्य कारणों पर निर्भर करता हैए ऐसे में किसी भी वित्त वर्ष के लिए ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया जा सकता और न ही ऐसा कोई प्रावधान है। इसी तरह सौर ऊर्जा उत्पादन भी सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023.24 में 2025.26 के दौरान प्रदेश में राज्य में कुल 1ए19ए237ण्57 मिलियन यूनिट ऊर्जा का उत्पादन हुआ है।

Advertisement

इसमें जल विद्युत का योगदान सबसे अधिक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 22950 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन की क्षमता है। इसमें से 13 हजार मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 188 जल विद्युत परियोजनाएं कार्य कर रही है जबकि 24 निर्माणाधीन है। 5 जल विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी मिलना शेष है जबकि छह परियोजनाएं कानूनी दांव पेंच में फंसी हुई है। इसके अलावा छह परियोजनाएं छह परियोजनाएं फिजिबल नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2024.25 में 188 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हुआ जबकि इस वर्ष 31 मार्च तक 209 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन शुरू होने जा रहा है। विधायक सुखराम चौधरी व डॉ. हंसराज ने इस संबंध में अनुपूरक सवाल पूछा।

युवा सेवा एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि सरकार डॉ वाइएस परमार वालीबॉल प्रतियोगिता को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता घोषित करेगी। विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि योग्यता के अनुसार तीन प्रतिशत कोटे के अनुरूप प्रदेश सरकार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल का नाम रौशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि हालांकि कबड्डी ओलंपिक खेलों में शामिल नहीं है इसके बावजूद प्रदेश सरकार कबड्डी विश्वकप जीतने वाली टीम में शामिल प्रदेश की महिला खिलाड़ियों को सरकार की ओर से निर्धारित ईनाम राशि देगी। उन्होंने ये भी कहा कि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयनित होने वाले जरूरतमंद खिलाड़ियों को प्रदेश सरकार की ओर से आवेदन करने पर खर्चा देने का प्रावधान है।

विधायक पूर्णचंद के एक सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नारला मंडी फोरलेन सड़क निर्माण के कारण प्रभावितों को एनएचएआई से उचित मुआवजा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस सड़क निर्माण के कारण प्रभावित हर मामले को सरकार एनएचएआई के साथ उठाएगी और प्रभावितों की हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार का एनएचएआई पर कोई नियंत्रण नहीं है इसके बावजूद सरकार प्रदेश में उसके द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है ताकी प्रभावितों को समय पर राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि नारला मंडी फोरलेन सड़क निर्माण के कारण 2044 परिवार प्रभावित हुए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने विधायक किशोरी लाल के एक सवाल के जवाब में कहा कि बैजनाथ अस्पताल में स्टाफ की कमी को जल्द दूर कर दिया जाएगा। यहां अपेक्षित डाक्टरों और उपकरणों कमी को दूर किया जाएगा। इसी मुद्दे पर किशोरी लाल ने कहा कि बैजनाथ अस्पताल में विभिन्न श्रेणियों के 57 पद स्वीकृत है जिसमें से 37 पद खाली पड़े हुए हैं। विधायक राकेश कालिया के एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दौलतपुर चौक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान में जल्द जनरेटर की सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।

Advertisement
×