हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार यानी 16 फरवरी से शुरू होगा। विधानसभा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब बजट सत्र तो शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक न तो बजट पेश करने की और न ही राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की कोई तारीख तय हुई है। सरकार ने बजट सत्र शुरू होने से पहले नियम 102 के तहत प्रदेश को केंद्र से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान आरडीजी के बंद होने को लेकर चर्चा का नोटिस दिया है। ऐसे में आरडीजी पर सदन में हंगामा होना तय है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने रविवार को शिमला में कहा कि हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का ग्यारहवां सत्र सोमवार दोपहर दो बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले दोपहर 12.15 बजे सर्वदलीय बैठक होगी। इसमें सत्र संचालन पर मंथन होगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सत्र में 16 से 18 फरवरी तक तीन बैठकें प्रस्तावित हैं। हालांकि, परिस्थितियों को देखते हुए सत्र बढ़ाया जा सकता है।
माना जा रहा है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विपक्ष आरडीजी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, जबकि सत्ता पक्ष अपनी रणनीति के साथ जवाब देने को तैयार है।
आरडीजी बंद होने के बाद उत्पन्न वित्तीय हालात और बजट प्रबंधन को लेकर यह सत्र बेहद अहम रहेगा। सत्तारुढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा एक-दूसरे को घेरने की कोशिश करेंगे।
कुलदीप पठानिया ने कहा कि खेल मंत्री यादविंदर गोमा की तरफ से डीसी मंडी को दिए गए प्रिविलेज मोशन के अलावा एसपी बद्दी और सचिवालय कर्मचारियों के प्रिविलेज मोशन पर अभी नियमों के तहत कार्रवाई आगे बढ़ रही है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कहा कि भाजपा के 9 विधायकों पर अभी अंतिम निर्णय नहीं आया है।
विशेष सत्र नहीं बुलाकर बचाए 73 लाख
आरडीजी के मुद्दे पर विशेष सत्र को नहीं बुलाकर 73 लाख रुपये की बचत हुई है। इस मुद्दे पर पहले राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाना चाहती है, लेकिन राज्यपाल ने इसे बजट सत्र के साथ आयोजित करने की सलाह दी थी। राज्य सरकार ने राज्यपाल की यह सलाह मानी है, जिससे 73 लाख रुपए की बचत हुई है।

