Festival Of Colors : राधे-राधे वेटरनरी संस्थान में रंगों की फुहार: छात्र-छात्राओं ने मनाया होली का जश्न
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होली, संस्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम
Festival Of Colors : रामपुर बुशहर के रिवाड़ी (दलाश) स्थित राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट शिक्षण संस्थान में बुधवार को होली का त्यौहार बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। शैक्षणिक गतिविधियों से इतर संस्थान के परिसर में चारों ओर रंगों की छटा बिखरी नजर आई। इस अवसर पर छात्रों और शिक्षकों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। वेटरनरी फार्मासिस्ट के प्रशिक्षु छात्रों ने इस उत्सव का भरपूर आनंद लिया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
होली के इस पावन पर्व पर संस्थान में केवल रंगों का खेल ही नहीं, बल्कि विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। छात्रों के बीच रंगोली प्रतियोगिता करवाई गई, जिसमें प्रशिक्षुओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए रंगों के माध्यम से सामाजिक संदेश उकेरे। इसके अतिरिक्त, रंगीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोक गीतों पर थिरकते छात्र-छात्राओं ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमय बना दिया। आपसी मेलजोल और आनंदमय बातचीत के साथ समारोह संपन्न हुआ।
सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक आयोजन जरूरी: निदेशक सरोज शर्मा
इस विशेष अवसर पर संस्थान की निदेशक सरोज शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए होली के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और मन के आपसी मनमुटाव व शिकायतों को दूर करने का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन छात्रों के किताबी ज्ञान के साथ-साथ उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होते हैं।
अनुशासन और उत्साह का संगम
संस्थान के कोऑर्डिनेटर डॉक्टर निशु और प्रधानाचार्य डॉक्टर सुभाष ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और सभी प्रशिक्षुओं को होली की बधाई दी। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार होली बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है, उसी प्रकार छात्रों को भी अपने जीवन में सकारात्मकता अपनानी चाहिए। शिक्षकों और प्रबंधन के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार ने छात्रों के लिए इस दिन को और भी यादगार बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन के साथ-साथ भारी उत्साह देखने को मिला।

