हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रीमियर स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला के डॉक्टर राघव नरूला द्वारा कथित तौर पर एक मरीज के साथ की गई मारपीट के मामले के बाद प्रदेश भर में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई है। यह हड़ताल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा डॉक्टर को रविवार देर शाम हड़ताल खत्म करने की दी गई चेतावनी और आश्वासन के बाद खत्म हुई है।रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) की ओर से देर शाम जारी बयान में में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने आज आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। साथ ही डॉक्टर राघव नरूला की टर्मिनेशन को लेकर भी पुनर्विचार किया जाएगा। आरडीए ने स्पष्ट किया है कि जब तक टर्मिनेशन आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक जांच प्रक्रिया में संगठन पूरी तरह शामिल रहेगा। इस पूरे मामले को लेकर अगली रणनीति पर 3 जनवरी 2026 को बैठक कर आगे का फैसला लिया जाएगा।रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान समर्थन देने वाले प्रदेश और देशभर के डॉक्टर संगठनों का आभार जताया है। विशेष रूप से हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन, सैमडीकॉट और अन्य मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया है। गौर हो कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की हड़ताल को गलत करार देते हुए उनसे अहंकार छोड़कर ड्यूटी पर लौटने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने रविवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि उन्होंने स्वयं रेजिडेंट डॉक्टरों को आश्वासन दिया था, इसके बावजूद वह हड़ताल पर चले गए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।