Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

रिकॉर्ड केंद्रीय सहायता के बावजूद विकास ठप, आंकड़ों ने खोली पोल : बिंदल

प्रदेश की आर्थिक अव्यवस्था की जिम्मेदार राज्य सरकार

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement
केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के मुद्दे पर हिमाचल की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले गरमाये इस मुद्दे के कारण सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है और दोनों एक दूसरे पर शब्दों के बाण चला रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सरकार पर ताजा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र से रिकॉर्ड आर्थिक सहायता मिलने के बावजूद प्रदेश में विकास ठप है और राज्य सरकार द्वारा खुद ही जारी आंकड़े इसकी पोल खोल रहे हैं। बिंदल ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक अव्यवस्था की जिम्मेदार खुद प्रदेश की सुक्खू सरकार है और दोषारोपण से सच्चाई नहीं छिपेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक की गंभीरता पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस बैठक से कांग्रेस के अपने ही प्रमुख नेता गायब रहे।

शिमला में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 40 महीनों से सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार प्रशासनिक अक्षमता, वित्तीय कुप्रबंधन और विकास की सुस्ती को छिपाने के लिए लगातार केंद्र सरकार और पूर्व भाजपा सरकारों पर दोषारोपण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब समझ चुकी है कि वास्तविक समस्या वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं बल्कि संसाधनों के सही उपयोग की कमी है।

Advertisement

उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित सर्वदलीय बैठक को समाधान का मंच बताने की कोशिश की गई, जबकि वास्तविकता यह है कि बैठक की गंभीरता स्वयं सरकार ने कम कर दी। सत्तारूढ़ दल के प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित नहीं थे। उपमुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय मंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया। इससे स्पष्ट है कि बैठक का उद्देश्य सर्वसम्मति नहीं बल्कि राजनीतिक वातावरण बनाना था।

Advertisement

डॉ. बिंदल ने कहा कि बैठक में प्रस्तुत वित्त विभाग की आधिकारिक प्रस्तुति के अनुसार हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय करों में हिस्सा बढ़ाकर लगभग 0.830 प्रतिशत से 0.914 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2026 में प्रदेश को लगभग 13,950 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो पिछले वर्ष से लगभग 2,450 करोड़ रुपये अधिक हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण व शहरी विकास मद में लगभग 4,179 करोड़ तथा एसडीआरएफ और डीएमएफ मद में लगभग 2,682 करोड़ मिलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े किसी राजनीतिक दल के नहीं बल्कि राज्य सरकार के अपने दस्तावेजों के हैं।

Advertisement
×