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मनरेगा से गांधी नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस का धरना

गांधी के नाम से छेड़छाड़ देश के मूल्यों पर हमला : भारती

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केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने और नियमों में किए गए संशोधनों के विरोध में बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने जिला मुख्यालय के गांधी चौक पर धरना-प्रदर्शन कर कड़ा विरोध जताया। यह धरना कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन भारती की अगवाई में आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा अनीता वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया, एपीएमसी अध्यक्ष अजय शर्मा, नशा निवारण बोर्ड के प्रदेश संयोजक नरेश ठाकुर, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष टोनी ठाकुर सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, देवीदास शहंशाह, होशियार सिंह, राजीव राणा, अनिल चौधरी, राकेश चौधरी, मनु शर्मा, डॉ. चंदन राणा, केसी भाटिया, डॉ. आरसी डोगरा, उत्तम चौधरी, राकेश रानी, राजेश आनंद, चेतन लखनपाल, मुकेश कुमार, अखिलेश चौधरी, बिश्व शामा, रजत राणा, रोहित धरोच, चंद्रशेखर, कुलदीप ठाकुर व पवन कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा कि केंद्र सरकार एक सुनियोजित साजिश के तहत मनरेगा योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से देश की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना शुरू की थी और इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जोड़ा गया था। सुमन भारती ने कहा कि जिस महापुरुष ने देश की आज़ादी में सबसे बड़ा योगदान दिया, आज उसी गांधी के नाम को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय और अपमानजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी के अपमान को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी और इस फैसले के खिलाफ गांव-गांव तक आंदोलन किया जाएगा।

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