Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

मुख्यमंत्री नहीं मानते सुझाव : जयराम ठाकुर

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने लगाए आरोप

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
जयराम ठाकुर
Advertisement
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरडीजी पर शुरू हुई चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर राजनीतिक हमले बोले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुझाव नहीं सुनते, सुनते हैं तो मानते नहीं और अभी भी छात्र राजनीति जैसा व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने मित्रों को सरकार में दी गई नियुक्तियों पर तुरंत विचार करने की सलाह दी और कहा कि यदि सरकार ने तुरंत फिजूलखर्ची नहीं रोकी तो आने वाले समय में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन, जीपीएफ, विकास और अन्य योजना व गैर योजना कार्यों पर संकट आना तय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ रोज-रोज बयान देने से आर्थिक संकट दूर नहीं होगा। इसके लिए सरकार को बड़े-बड़े फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के इन फैसलों पर विचार करेगा और यदि फैसले सही हुए तो इनका समर्थन होगा, अन्यथा नहीं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार हर रोज आरडीजी बंद होने का रोना तो रो रही है, लेकिन फिजूलखर्ची बंद करने को तैयार नहीं है। इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि सुक्खू सरकार ने अपने सीपीएस को बचाने के लिए वकीलों पर ही 10 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए। चेयरमैन जिन्हें 30 हजार रुपए वेतन मिलता था, उन्हें 1.50 लाख रुपए वेतन दिया जा रहा है। यही नहीं, लगभग 90 वकीलों को अलग-अलग तरह का अधिवक्ता लगा दिया गया है। इस तरह की फिजूलखर्ची के बाद सरकार किस मुंह से आर्थिक संकट या आरडीजी बंद होने का रोना रो रही है।

Advertisement

जयराम ठाकुर ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि हम से कर्ज लेने की गलती हुई है तो कांग्रेस सरकार ये गलती न करे। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता से जाने के समय प्रदेश पर 69600 करोड़ रुपए का कर्ज था, जो बढ़कर अभी तक 1.10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

Advertisement

बंद नहीं होगी ओपीएस : मुख्यमंत्री

आरडीजी पर विधानसभा में चल रही मैराथन चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में घोर आर्थिक संकट के बावजूद कर्मचारियों के लिए शुरू की गई ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बंद नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राज्य बिजली बोर्ड का निजीकरण नहीं करेगी, बल्कि इसे और अधिक मजबूत किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि क्या वह आरडीजी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के पास जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि 16वें वित्तायोग ने जो सिफारिशें की हैं, उसका भविष्य में क्या असर होगा, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस लड़ाई को युद्ध की तरह लड़ेगी और जीतेगी भी। उन्होंने विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप भी लगाया।

Advertisement
×