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विधायक क्षेत्र विकास निधि में कटौती से भाजपा नाराज

विधायक रणधीर शर्मा ने कहा- विधायक क्षेत्र विकास निधि में कटाैती नहीं की जाए

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हिमाचल प्रदेश के अगले वित्त वर्ष के बजट के आकार में कटौती होने के पीछे सत्ता पक्ष की ओर से जहां केंद्र सरकार द्वारा बंद किए गए राजस्व घाटा अनुदान को कारण बताया जा रहा है, वहीं विपक्षी भाजपा द्वारा इस फैसले के पीछे केवल राजनीतिक कारण बताया जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक रणधीर शर्मा ने बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए मंगलवार को कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि विधायक क्षेत्र विकास निधि में कटाैती नहीं की जाए।

इसके स्थान पर विधायकों के वेतन की अधिक धनराशि पर रोक लगाना स्वीकार्य है। उनका तर्क है कि विधायक क्षेत्र विकास निधि से हलकों में विकास कार्य होते हैं और सरकार के निर्णय से विकास कार्य ठप पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश बजट पढ़ने का इतिहास में रिकार्ड बन गया है, इस भाषण को राजनीतिक भाषण कहा जाना चाहिए। इस में प्रदेश के लोगों के लिए कुछ भी नहीं था। बजट भाषण में केंद्र सरकार, पिछली भाजपा सरकार और विपक्ष की आलोचना की गई। इससे लगता है कि मुख्यमंत्री को भाजपा फोबिया हो गया है।

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उन्होंने कहा कि जहां तक राजस्व घाटा अनुदान बंद होने की बात है तो ये प्रदेश सरकार को पहले से पता था। क्योंकि 15वें वित्तायोग ने इसके संकेत दे दिए थे, फिर भी मुख्यमंत्री आरडीजी के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। संविधान मेंं राज्यों को आरडीजी देने का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है। हां, ग्रांट दिए जाने की व्यवस्था है, जोकि प्रदेश सरकार को पहले से अधिक मिली है। वर्तमान में प्रदेश सरकार को 2 हजार करोड़ से अधिक की ग्रांट आ रही है। रणधीर शर्मा का आरोप है कि प्रदेश सरकार को आरडीजी बंद होने का दुख इस बात के लिए है कि अब लोक लुभावन घोषणाएं कैसे होंगी।

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