भारतीय मज़दूर संघ ने मनाया देशव्यापी विरोध दिवस
भारतीय मज़दूर संघ (बीएमएस) ने विभिन्न श्रमिक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आज देशभर में विरोध दिवस मनाया। इस दौरान जिला मुख्यालयों और उपमंडल स्तर पर धरना-प्रदर्शन, रैलियां, गेट मीटिंग तथा काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया गया।...
भारतीय मज़दूर संघ (बीएमएस) ने विभिन्न श्रमिक समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आज देशभर में विरोध दिवस मनाया। इस दौरान जिला मुख्यालयों और उपमंडल स्तर पर धरना-प्रदर्शन, रैलियां, गेट मीटिंग तथा काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम मंत्री एवं संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपे।
बीएमएस ने मिड-डे मील, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित मानदेय देने, ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने, ईएसआई व ईपीएफ की सीमा बढ़ाने तथा बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग उठाई। संगठन ने विद्युत क्षेत्र के निजीकरण का विरोध करते हुए कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बद्दी में आयोजित रैली के उपरांत उपमंडलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर प्रदेश उप महामंत्री देवीदत्त तनवर, प्रदेश सचिव राजू भारद्वाज, उद्योग प्रभारी गोपाल चौधरी और मेला राम चंदेल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

