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चिट्टे पर चोट : हिमाचल में गुनहगारों को ही नहीं, उनके परिवारों को भी भुगतना होगा खमियाजा

21 और 22 को सभी 3577 ग्राम पंचायत में आयोजित होंगी एंटी चिट्टा सभाएं

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हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के कारोबार में शामिल गुनहगारों को ही नहीं बल्कि उनके परिजनों को भी इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा। प्रदेश के ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बुधवार को शिमला में एक पत्रकार वार्ता में ऐलान किया कि सरकार न केवल चिट्टे के कारोबार में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी बल्कि उनके परिजनों के खिलाफ भी यही कार्रवाई होगी।

अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि चिट्टे के कारोबार में शामिल 11 कर्मचारियों को अभी तक प्रदेश सरकार बर्खास्त कर चुकी है जबकि बड़ी संख्या में और कर्मचारियों की बर्खास्तगी की भी तैयारी है। उन्होंने कहा कि चिट्टे के कारोबार में शामिल इन लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं होगी बल्कि उनकी संपत्तियों को भी सरकार मिट्टी में मिला देगी।

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अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि 21 और 22 जनवरी को प्रदेश की सभी 3577 ग्राम पंचायत में एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं आयोजित होंगी जिनमें चिट्टे जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए जागरूकता मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार है प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा स्पोर्ट्स टूर्नामेंट भी आयोजित करेगी।उन्होंने कहा कि सरकार चिट्टा के कारोबार में शामिल लोगों की सूचना देने वालों को पुरस्कृत भी कर रही है और इस पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 264 पंचायतें चिट्टे से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

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अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार के पास प्रदेश में चिट्टे का कारोबार कर रहे हर अपराधी का पूरा रिकॉर्ड है और चिट्टे का प्रयोग कौन कर रहा है, इस संबंध में भी सरकार ने पूरा डाटा एकत्र कर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चिट्टे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और इस अनैतिक कारोबार में शामिल शेष सरकारी कर्मचारियों को जल्द ही नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा।

अनिरुद्ध सिंह ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने चिट्टे के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा है जिसमें चिट्टा रखने वाले किसी भी दोषी के खिलाफ गैर जमानती अपराध दर्ज करने की मांग की गई है। अभी तक 5 ग्राम चिट्टा रखने वालों को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। उन्होंने भी कहा कि सरकार चिट्टे की लत से ग्रसित लोगों को फिर से मुख्य धारा में लाने के लिए भी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिट्टे की बीमारी को खत्म करने में जागरूकता सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है। इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य के किसी भी क्षेत्र में लोगों को बाहरी राज्यों की संदिग्ध गाड़ियां अथवा लोग दिखाई देते हैं तो वह इसकी सूचना तुरंत नजदीक के पुलिस स्टेशन को दें, जिस पर तुरंत कार्रवाई होगी और सूचना देने वालों के नाम भी गुप्त रखे जाएंगे।

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