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नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत : सुक्खू

मुख्यमंत्री ने ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिला के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए पहले दिन के पहले सत्र में शुक्रवार को ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। इन स्वीकृत योजनाओं में 512.31 करोड़ रुपये की 55 विधायक प्राथमिकता योजनाएं लोक निर्माण विभाग से संबंधित हैं और 201.56 करोड़ रुपये की 18 विधायक प्राथमिकता योजनाएं जल शक्ति विभाग की हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट का पूर्ण उपयोग किया जाए और नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे 15 मार्च, 2026 से पहले जमा करें। इसके अतिरिक्त मार्च, 2026 तक नाबार्ड से और अधिक विधायक प्राथमिकताओं को स्वीकृत करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के तीन वर्ष लोक कल्याण नीतियों, पारदर्शी शासन तथा व्यापक सुधारों का रहा है तथा हमारी सरकार की नीतियों का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदुढ़ करना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करना तथा हिमाचल प्रदेश को समृद्धशाली, हरित ऊर्जा सम्पन्न व आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है।

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सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अन्तर्गत राज्यों को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान को लेकर उठाया गया कदम पहाड़ी राज्यों के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि यह अनुदान वर्ष 1952 से 15वें वित्त आयोग तक राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए निरंतर मिलता रहा है, जिसे 16वें वित्त आयोग ने पहली बार बंद किया है, जो हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के प्रति अन्याय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पेड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर देश के पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ हिमाचल से बहने वाली नदियों के माध्यम से पानी भी उपलब्ध करवाता है तथा केन्द्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद करना प्रदेश के हितों के साथ कुठाराघात है। सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार को अब कुशल वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ राज्य का राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के आगामी बजट में मध्यम वर्ग और किसानों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार कृषि एवं बागवानी है, परन्तु केन्द्रीय बजट में बागवानों के लिए न तो किसी सब्सिडी का प्रावधान है और न ही किसी बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र है।

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