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पठानकोट में पश्चिमी कमान का शक्ति प्रदर्शन, 100 किमी रेंज वाले स्वदेशी ड्रोन और 'डिजिटल वॉरफेयर' का दिखा दम

अलंकरण समारोह में आर्मी कमांडर ने वीरों को नवाजा; 'भैरव बटालियन' ने दिखाया समेकित बहु-क्षेत्रीय संचालन का कौशल

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भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने गुरुवार को पंजाब के मामून मिलिटरी स्टेशन स्थित ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित भव्य 'अलंकरण एवं सम्मान समारोह' के माध्यम से अपनी मारक क्षमता और परिचालन तत्परता (Operational Readiness) का लोहा मनवाया। 'हर काम देश के नाम' के संकल्प के साथ आयोजित इस समारोह में न केवल वीर सैनिकों को सम्मानित किया गया, बल्कि आधुनिक युद्धक्षेत्र के डिजिटलाइजेशन और स्वदेशी सैन्य शक्ति का भी जीवंत प्रदर्शन किया गया।

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शौर्य का सम्मान और गौरवशाली विरासत

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पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार (PVSM, UYSM, AVSM) ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने उत्कृष्ट सेवा, अदम्य साहस और पेशेवर दक्षता के लिए विभिन्न सैन्य इकाइयों को प्रशस्ति-पत्र (Citations) प्रदान किए। इस दौरान 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'ऑपरेशन राहत' जैसे चुनौतीपूर्ण मिशनों में सैनिकों द्वारा निभाई गई गौरवशाली भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सेवा और वीरता की मिसाल है।

युद्धक्षेत्र का भविष्य: 'लॉन्चिंग-ग्रेड' प्रदर्शन

समारोह का मुख्य आकर्षण लॉन्चिंग-ग्रेड युद्ध क्षमता प्रदर्शन रहा, जिसमें सेना ने भविष्य के युद्धों के लिए अपनी तैयारी को परखते हुए तकनीकी श्रेष्ठता दिखाई।

स्वदेशी ड्रोन क्षमता: प्रदर्शनी में ऐसे स्वदेशी ड्रोन्स का प्रदर्शन किया गया, जिनकी संचालनीय सीमा (Operational Range) 100 किलोमीटर से अधिक है। यह कमान की गहरी और सटीक मार करने वाली रणनीतिक बढ़त को दर्शाता है।

भैरव बटालियन का रण-कौशल: 'भैरव बटालियन' ने युद्ध कौशल, सामरिक सटीकता और परिचालन चुस्ती का शानदार प्रदर्शन किया। इसमें एकीकृत बहु-क्षेत्रीय युद्ध संचालन (Integrated Multi-Domain Operations) की बारीकियों को दिखाया गया।

अग्नि-शक्ति और समन्वय: सटीक अग्नि-शक्ति (Precision Firepower), तीव्र बल तैनाती और अग्निशमन क्षमता के तालमेल ने दर्शकों को अचंभित कर दिया।

तकनीकी आधुनिकीकरण पर जोर

सभा को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि पश्चिमी कमान जटिल युद्ध स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया।

डिजिटलाइजेशन: युद्धक्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना ताकि त्वरित निर्णय और सटीक प्रहार सुनिश्चित हो सके।

अंतर-एजेंसी समन्वय: पुलिस, अर्धसैनिक बलों (PMF) और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर बेहतर तालमेल बिठाना।

निरंतर तैयारी: किसी भी संभावित संघर्ष के लिए कमान की युद्ध-तैयारी और हाल के अभ्यासों में दिखाई गई दक्षता की सराहना।

आम नागरिकों और बच्चों में दिखा भारी उत्साह

समारोह में सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों के अलावा नागरिक प्रशासन, पुलिस विभाग और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने शिरकत की। आधुनिक सैन्य उपकरणों और नवीनतम युद्ध तकनीकों के प्रदर्शन ने युवाओं में देशभक्ति का जज्बा भरा। आर्मी कमांडर ने दोहराया कि पश्चिमी कमान राष्ट्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता वृद्धि के प्रति समर्पित है।

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