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मौसम गेहूं के अनुकूल, रिकार्ड तोड़ उत्पादन की संभावना

करनाल,16 जनवरी (हप्र) मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल चल रहा है, जिसके चलते वैज्ञानिक मान रहे हैं कि इस बार रिकार्ड तोड़ उत्पादन होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले साल जहां भारत सरकार ने 113.9...
करनाल में भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान के डायरेक्टर डॉ. रत्न तिवारी बृहस्पतिवार को गेहूं की फसल का निरीक्षण करते हुए। -हप्र
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करनाल,16 जनवरी (हप्र)

मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल चल रहा है, जिसके चलते वैज्ञानिक मान रहे हैं कि इस बार रिकार्ड तोड़ उत्पादन होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पिछले साल जहां भारत सरकार ने 113.9 मिलियन टन का लक्ष्य निर्धारित किया था, वे इस बार 115 मिलियन टन निर्धारित किया है। इस वर्ष गेहूं का रकबा पिछले साल की अपेक्षा बढ़ा हैं, अगर इस साल गेहूं की बिजाई की बात करे तो देश में 320 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगाई गई है।

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भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान करनाल के डायरेक्टर डॉ. रत्न तिवारी ने बताया कि इस समय रुक-रुक कर बरसात हो रही हैं, जो फसल के लिए बहुत अच्छी हैं। इससे फसल पानी सोख लेती हैं और नमी बनी रहती है। वहीं, रात के समय अधिक ठंड पड़ रही है, साथ ही दिन में धूप खिलती है, जो गेहूं का पसंदीदा मौसम है। अगर इसी तरह का मौसम बना रहा तो गेहूं की फसल बंपर होगी।

उन्होंने किसान भाईयों से अपील करते हुए कहा कि जिन किसानों ने पुरानी प्रजातियां लगाई हुई हैं, वे फसल पर लगातार निगरानी रखें, क्योंकि उनमें बीमारी आने की संभावना बनी रहती है। जिन किसानों ने संस्थान द्वारा विकसित की गई गेहूं की प्रजातियां लगाई हैं, वे रोग प्रतिरोधी होती हैं, साथ ही मौसम के उतार-चढ़ाव को सहने की क्षमता वाली होती हैं।

इसके अलावा किसान भाई फसल को देखते रहें कि फसल में पीलापन तो नहीं आ रहा, अगर पीलापन हो तो देखें कि ये पीला रत्तुआ तो नहीं है।

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