हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने प्री-बजट कंसल्टेशन बैठक को सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सक्रिय लोकतंत्र का जीवंत उदाहरण बताया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में विज ने संकेत दिए कि आने वाला बजट हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सार्वजनिक सुविधाओं पर केंद्रित हो सकता है। ऊर्जा मंत्री ने बैठक में अहम सुझाव देते हुए कहा कि राज्य के सभी सरकारी भवनों, कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, स्टेडियमों के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों और गौशालाओं की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया जाना चाहिए। इससे एक ओर बिजली खर्च घटेगा, तो दूसरी ओर हरियाणा स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाएगा। यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक बचत भी सुनिश्चित करेगी। विज ने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आधुनिक ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने चाहिए, जो केवल चार्जिंग प्वाइंट न होकर यात्री सुविधा केंद्र के रूप में विकसित हों। इन केंद्रों पर रिफ्रेशमेंट, स्वच्छ शौचालय और विश्राम की व्यवस्था हो, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले परिवारों को सहूलियत मिल सके।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रदेशभर में जाकर लोगों से बजट को लेकर सुझाव ले रहे हैं और इसी कड़ी में यह प्री-बजट बैठक आयोजित की गई। सभी सांसदों और विधायकों (सत्ता पक्ष और विपक्ष) को आमंत्रण दिया गया था, लेकिन विपक्ष का कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा। विज ने कहा कि पहले विपक्ष ऐसी बैठकों में हिस्सा लेता रहा है, लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति कई सवाल खड़े करती है।