सीएम को खुश करने के लिए कुछ अधिकारी मेरे विभागीय कार्यों में डाल रहे हैं बाधा : विज, कहा- ‘गंदा खेल’ खेलने वालों को भुगतना पड़ेगा खमियाजा!

सीएम को खुश करने के लिए कुछ अधिकारी मेरे विभागीय कार्यों में डाल रहे हैं बाधा : विज, कहा- ‘गंदा खेल’ खेलने वालों को भुगतना पड़ेगा खमियाजा!

दिनेश भारद्वाज 

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस

 चंडीगढ़, 28 जुलाई

मानसून की रिमझिम बारिश से मौसम भले ही ठंडा हो, लेकिन सरकार में पूरी 'गरमाहट' देखने को मिल रही है। ब्यूरोक्रेसी के रवैये से नाखुश प्रदेश के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ब्यूरोक्रेसी के कुछ अफसरों को आड़े हाथों लिया है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी बेवजह उनके विभागों से जुड़े कार्यों में रुकावट पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को खुश करने के चक्कर में रहने वाले यह अधिकारी बहुत बड़ी गलतफहमी का शिकार हैं।

यह पहला मौका नहीं है जब विज की नाराज़गी बाहर आई है। विज ने बुधवार को सुबह ही अपने विभाग के अधिकारियों पर 'नाराज़गी बम' फोड़ दिया। उनकी सबसे अधिक नाराज़गी गृह व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को लेकर है। मौजूदा डीजीपी मनोज यादव के खिलाफ वे चिट्ठी भी लिख चुके हैं। विज की नाराज़गी के चलते ही प्रदेश में नये डीजीपी की प्रक्रिया शुरू हुई है। वरिष्ठ आईएएस राजीव अरोड़ा के पास विज के 2 मंत्रालयों का जिम्मा है। वे स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। साथ ही, होम सेक्रेटरी का अतिरिक्त कार्यभार भी उनके पास है। राजीव अरोड़ा को विज पिछले दिनों एक तल्ख नोट लिख चुके हैं। दरअसल, गृह विभाग में पुलिस कर्मचारियों की हजारों अपील पेंडिंग होने के अलावा विज ने उनके दफ्तर से गृह विभाग में भेजे जाने वाले नोट्स पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराज़गी जताई थी। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए टॉस्क फोर्स का गठन किए जाने को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया था। विज के संज्ञान में लाए बिना और उनकी इजाजत के बिना ही अधिकारियों ने अपने स्तर पर टॉस्क फोर्स बना ली थी।

विज ने अपने नोट में यहां तक कह दिया था कि जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग में काम हो रहा है, उसे देखते हुए लगता है कि विभाग को मंत्री की जरूरत ही नहीं है। यहां बता दें कि सरकार ने कोविड-19 को लेकर स्टेट लेवल की मॉनिटरिंग कमेटी बनाई हुई है। विज इस कमेटी के चेयरमैन हैं। बताते हैं कि इस कमेटी की मीटिंग कथित तौर पर अधिकारी अपने स्तर पर ही कर लेते हैं। कई बार मुख्य सचिव के साथ इस कमेटी की बैठक कर ली जाती है।

गृह सचिव राजीव अरोड़ा को लिखा पत्र

विज ने गत दिवस भी गृह सचिव राजीव अरोड़ा को पत्र जारी करके पुलिस के खिलाफ आने वाली शिकायतों का जल्द निपटारा करने के आदेश दिए थे। कुरुक्षेत्र एसपी के खिलाफ भी वे खुलकर लिख चुके हैं। दरअसल, विज के पास आने वाले लोगों में अधिकांश की शिकायतें पुलिस के खिलाफ होती है। उनके दफ्तर से संबंधित एसपी को शिकायतें कार्रवाई के लिए मार्क की जाती हैं। कुरुक्षेत्र जिले से बार-बार आ रही शिकायतों पर एक्शन करते हुए विज ने गृह सचिव को निर्देश दिए कि वे कुरुक्षेत्र एसपी से स्टेट्स रिपोर्ट तलब करें।

‘मुख्यमंत्री और मैं अच्छे दोस्त’

विज ने बुधवार को बड़ा धमाका करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए कुछ अधिकारी मेरे विभागीय कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। वे यह सोच रहे हैं मानो, मैं और मुख्यमंत्री एक-दूसरे के खिलाफ हैं। वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। मुख्यमंत्री और मैं अच्छे दोस्त हैं। यह डर्टी गेम खेलने वाले अधिकारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा'।

 

 

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