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फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों स्थापित होंगे तीन आधुनिक सीईटीपी

926.96 करोड़ की परियोजना, औद्योगिक प्रदूषण पर होगा कंट्रोल

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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की फाइल फोटो।
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हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद में तीन आधुनिक साझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (सीईटीपी) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य औद्योगिक अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना तथा तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों को सुधारना है।

बादशाहपुर में 15 एमएलडी क्षमता का सीईटीपी लगेगा। इससे सेक्टर 27ए से 27-डी, 31, 32, 35, 36, 38 और 45 के उद्योगों को कवर करेगा। प्रतापगढ़ में 50 एमएलडी क्षमता का प्लांट सेक्टर 24, 25, 52ए, 56 से 59, 147, 148, 150 से 153 और 155 के औद्योगिक इकाइयों का अपशिष्ट जल उपचार करेगा। वहीं मिर्जापुर में 25 एमएलडी क्षमता का प्लांट सेक्टर 4, 5, 6, 71 और 74 के उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपचार करेगा।

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परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 926.96 करोड़ रुपये है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने इन तीनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रस्तुत की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक में वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा की गई। बैठक में तय किया गया कि पूंजीगत व्यय का वहन संयुक्त रूप से होगा।

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50% राशि नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा शेष 50% राशि एचएसआईआईडीसी और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 25-25% अनुपात में वहन की जाएगी। संचालन व्यय प्रारंभ में एचएसआईआईडीसी वहन करेगा। बाद में इसकी प्रतिपूर्ति प्रतिवर्ष नगर निगम फरीदाबाद, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा 25-25% के अनुपात में की जाएगी।

पर्यावरण में आएगा सुधार

ये सीईटीपी संयंत्र तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट जल का उपचार न केवल जल प्रदूषण को रोकता है, बल्कि उद्योगों के सतत विकास में भी सहायक है। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ़ अमित कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ़ साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक अशोक कुमार मीणा, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक चंद्रशेखर खरे, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक डॉ़ आदित्य दहिया और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक अमित खत्री उपस्थित रहे।

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