इसी साल स्थानीय निकाय चुनाव का डंका बजने की गुंजाइश

इसी साल स्थानीय निकाय चुनाव का डंका बजने की गुंजाइश

चंडीगढ़, 22 नवंबर (ट्रिन्यू)

हरियाणा में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार अब राज्य में नगर निगमों के चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। सोनीपत, अम्बाला सिटी और पंचकूला नगर निगम के चुनाव होने हैं। रेवाड़ी नगर परिषद सहित कई नगर पालिकाओं के चुनाव भी निगमों के साथ ही होंगे। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तैयारियों को लेकर होमवर्क शुरू किया जा चुका है। इसी माह के आखिर तक आयोग द्वारा सरकार को स्टेटस रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

इसके बाद सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है। अगर किसी तरह की दिक्कत नहीं आई तो इसी साल यानी दिसंबर माह में निकाय चुनाव का डंका बज सकता है। भाजपा ने तो तीनों निगमों के लिए चुनाव प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने अम्बाला सिटी व पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए वर्करों से फीडबैक जुटाने के लिए दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया हुआ है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने राज्य के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को सोनीपत नगर निगम के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। इसी तरह से पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को पंचकूला नगर निगम तो पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को अम्बाला सिटी नगर निगम का चुनाव प्रभारी लगाया है। भाजपा निकायों के चुनाव पार्टी सिम्बल पर लड़ती है, इसलिए तीनों दिग्गज नेताओं की इन निगमों के संभावित उम्मीदवारों को लेकर स्थानीय नेताओं व वर्करों से फीडबैक जुटाने की ड्यूटी लगी है।

निगमों में मेयर के चुनाव डायरेक्ट होंगे। इतना ही नहीं, खट्टर सरकार ने पहले कार्यकाल में ही नगर परिषद में चेयरमैन और नगर पालिकाओं में अध्यक्ष के चुनाव भी सीधे कराने का फैसला लिया था। पहले ही कार्यकाल में पांच निगमों - रोहतक, हिसार, करनाल, यमुनानगर व पानीपत में मेयर के डायरेक्ट चुनाव हो भी चुके हैं। नगर परिषद और नगर पालिकाओं में डायरेक्ट चुनाव पहली बार होंगे। फिलहाल तो कुछ ही निगमों, परिषदों व पालिकाओं के चुनाव होने हैं, लेकिन अगले साल प्रदेशभर के सभी निकायों के चुनाव भी प्रस्तावित हैं।

सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से ही चुनाव आयोग को पत्र लिखकर तीनों निगमों तथा रेवाड़ी नगर परिषद व नई बनी पालिकाओं के चुनाव करवाने को कहा है। जिला अधिकारियों द्वारा आगे उपमंडल अधिकारियों, चुनावी अमले तथा चुनाव तहसीलदार के माध्यम से जनता व जनप्रतिनिधियों को इस बारे में बताया जाएगा। चुनाव आयुक्त के अनुसार तीनों निगमों की मतदाता सूचियों का काम फाइनल हो चुका है। केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देशों पर इस बार चुनाव खर्च की सीमा को बढ़ाया गया है। बढ़ी हुई खर्च सीमा को भी नोटिफाई किया जा चुका है। इसे इसी चुनाव से लागू किया जाएगा।

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