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17 सितंबर से चलेगा सेवा संकल्प अभियान; सरकारी योजनाओं का लाभ लेने अब दफ्तरों के चक्कर नहीं, गांव-गांव पहुंचेंगे ‘सेवा सेतु’

25 सेवा गतिविधियों के साथ युवाओं के लिए नवाचार चुनौती और बच्चों के लिए चित्रकला-भाषण प्रतियोगिता

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सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को अब बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए हरियाणा सरकार एक महीने तक विशेष अभियान चलाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान सरकारी योजनाओं की जानकारी देने से लेकर पात्र लोगों को आवेदन और लाभ दिलाने तक की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए विभागों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने, जिम्मेदारियां तय करने और लक्षित लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘सेवा सेतु–सरकार आपके द्वार’ होगा। ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे तथा प्रत्येक ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र में ‘सेवा सेतु केंद्र’ स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों पर नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी के साथ आवेदन प्रक्रिया में सहायता और लाभ लेने के लिए जरूरी सहयोग मिलेगा। विभागों को खंडवार कार्यक्रम और नोडल अधिकारी तय करने के साथ संभावित लाभार्थियों का डेटाबेस तैयार रखने को कहा गया है।

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सेवा सिर्फ सरकारी काम तक सीमित नहीं

अभियान को केवल योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचने का कार्यक्रम नहीं रखा गया है। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत लोगों को अपने घर, गांव, स्कूल, कार्यस्थल और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर सेवा गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी है। इसके तहत रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, वृद्धाश्रम व अनाथालयों का दौरा, जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सहयोग, महिला स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, कचरा पृथक्करण, साइबर सुरक्षा, खेल और दिव्यांगजनों की सहायता समेत 25 तरह की गतिविधियां होंगी।

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नुक्कड़ नाटक से बताएंगे योजनाओं की कहानी

सरकारी योजनाओं और सेवा कार्यों को लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘नमो सेवा गाथा’ के तहत नुक्कड़ नाटक भी कराए जाएंगे। स्कूल-कॉलेज, पंचायत, सामुदायिक केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थान इसके प्रमुख मंच होंगे। यानी अभियान में केवल प्रचार सामग्री बांटने के बजाय स्थानीय स्तर पर सीधे संवाद और गतिविधियों के जरिये लोगों तक पहुंचने की कोशिश होगी।

आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे जागरूकता का केंद्र

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ मनाया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, माताओं, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारी इसके क्रियान्वयन में तालमेल करेंगे, जबकि जिला स्तर पर अधिकारी निगरानी रखेंगे।

बच्चों से लेकर युवाओं तक की हिस्सेदारी

अभियान में युवाओं और बच्चों को भी सक्रिय भागीदार बनाने की तैयारी है। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें विद्यार्थी देश के विकास और भविष्य की आकांक्षाओं से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा ‘राष्ट्रीय नवाचार चुनौती’ के जरिये विद्यार्थियों, युवा उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों को ऐसे डिजिटल समाधान तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिन्हें जमीनी स्तर पर सुशासन में इस्तेमाल किया जा सके।

दिल्ली में 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा

एक महीने के अभियान का समापन 17 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित ‘जनसेवक महाकुंभ’ के साथ होगा। इसमें करीब 1.25 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। इनमें ग्राम सरपंच, नगर निकाय प्रतिनिधि तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों का सामूहिक गायन भी प्रस्तावित है।

अब असली परीक्षा अमल की

अभियान का दायरा बड़ा है, लेकिन इसकी सफलता कार्यक्रमों की संख्या से ज्यादा इस बात से तय होगी कि कितने पात्र लोग वास्तव में सरकारी योजनाओं से जुड़ते हैं। मुख्य सचिव ने विभागों को इसी कारण नोडल अधिकारी नियुक्त करने, स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। सरकार के लिए चुनौती यह है कि ‘सरकार आपके द्वार’ का नारा सिर्फ एक महीने का अभियान न रह जाए, बल्कि योजनाओं और नागरिक के बीच दूरी कम करने का स्थायी तरीका बने।

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